
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार के रविवार को हुए दूसरे मंत्रिमंडल विस्तार के तहत छह नये मंत्रियों को शपथ दिलायी गयी। साथ ही दो राज्य मंत्रियों को पदोन्नत करके स्वतंत्र प्रभार दिए गए। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने ‘जन भवन’ में आयोजित समारोह में इन मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी।
इनमें समाजवादी पार्टी (सपा) से बगावत करने वाले विधायक मनोज पांडेय और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी भी शामिल हैं। दोनों को ही कैबिनेट मंत्री पद की शपथ दिलायी गयी है। इसके अलावा हंसराज विश्वकर्मा, कैलाश राजपूत, कृष्णा पासवान और सुरेंद्र दिलेर को राज्य मंत्री पद की शपथ दिलायी गयी।
इसके अलावा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री अजीत सिंह पाल और ऊर्जा राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर को स्वतंत्र प्रभार के राज्य मंत्री पद की शपथ दिलायी गयी। योगी सरकार में मंत्री बनने वाले नये लोगों में मनोज पांडेय ब्राह्मण, भूपेंद्र चौधरी, हंसराज विश्वकर्मा और कैलाश राजपूत अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) तथा कृष्णा पासवान और सुरेंद्र दिलेर दलित वर्ग से ताल्लुक रखते हैं।
राज्य विधानसभा चुनाव से करीब आठ माह पहले किये गये इस मंत्रिमंडल विस्तार से पहले प्रदेश सरकार में कुल 54 मंत्री थे, जिनकी संख्या बढ़कर अब 60 हो गयी है। मंत्रिमंडल का पहला विस्तार पिछले लोकसभा चुनाव से पहले पांच मार्च 2024 को हुआ था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार की शाम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात करके मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा की थी।
राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर और अजीत सिंह पाल को स्वतंत्र प्रभार
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार के रविवार को हुए दूसरे मंत्रिमंडल विस्तार के तहत राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर और अजीत सिंह पाल का ओहदा बढ़ाते हुए उन्हें स्वतंत्र प्रभार के राज्य मंत्री पद की शपथ दिलायी गयी। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने ‘जन भवन’ में आयोजित समारोह में तोमर और पाल को स्वतंत्र प्रभार के राज्य मंत्री पद की शपथ दिलायी। गुर्जर बिरादरी से ताल्लुक रखने वाले तोमर मेरठ दक्षिण सीट से दूसरी बार के विधायक हैं।
दर्जा बढ़ाये जाने से पहले तक वह ऊर्जा राज्य मंत्री के पद पर थे। तोमर वर्ष 2017 में पहली बार मेरठ दक्षिण सीट से विधायक चुने गये थे। उसके बाद साल 2022 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने इसी सीट से जीत हासिल की थी। तोमर का सियासी सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ था और वह वर्ष 1990 के दशक से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ गये थे।
स्वतंत्र प्रभार के राज्य मंत्री की शपथ लेने वाले दूसरे मंत्री अजीत सिंह पाल को बुंदेलखंड-कानपुर क्षेत्र में पिछड़े वर्ग का एक प्रमुख चेहरा माना जाता है। गड़ेरिया बिरादरी से ताल्लुक रखने वाले पाल कानपुर देहात जिले की सिकंदरा सीट से विधायक हैं। ओहदा बढ़ाये जाने से पहले तक वह विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री के पद पर थे।




