उत्तर प्रदेश

आंख में पट्टी बांधकर इवेंट मैनेजर को किया अगवा, पुलिस जांच में जुटी

डेकोरेशन का ठेका देने का झांसा देकर इवेंट मैनेजर को बदमाश ने लक्ष्मण मेला स्थित बोट क्लब 32वीं वाहिनी पीएसी के बाढ़ राहत कैंप गेट पर बुलाया। इसके बाद गोमती समीप ले जाकर आंख में पट्टी बांधने लगे। विरोध करने पर पीटा और पट्टी बांधकर कार से अगवा कर किसी गुफा जैसी जगह पर ले गए। कॉल हिस्ट्री डिलीट करने के बाद चेन, घड़ी लूटकर ऑनलाइन रुपये ट्रांसफर कराए। करीब दो घंटे बाद किसी तरह भागे पीड़ित ने अपनी जान बचायी। हजरतगंज पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

न्यू हैदराबाद स्थित एसेंस रेजीडेंसी निवासी इवेंट मैनेजमेंट का काम करने वाले रोहित बंसल ने बताया कि 25 फरवरी को एक कॉल आयी। फोनकर्ता ने डेकोरेशन की बात कहते हुए मिलने की बात कही। पीड़ित ने 26 फरवरी को मिलने की बात कही। अगले दिन शाम को कॉल आने पर रोहित 7:21 बजे कैब से बोट क्लब 32वीं वाहिनी पीएसी के बाढ़ राहत कैंप गेट पर पहुंचे। वहां एक युवक मिला और कहा कि नीचे भाई इंतजार कर रहे हैं। स्कूटी पर बैठाकर अंजान शख्स उन्हें गुफा जैसी जगह ले गया।

उसके बाद आंख पर कपड़ा बांधने लगे। तभी आधा दर्जन बदमाशों ने पट्टी बांधकर जबरन कार में अगवा कर लिया। गाली-गलौज करते हुए पूछा कि कौन हो? यहां क्यों आए हो? रोहित ने भागने का प्रयास किया तो उसे बुरी तरह पीटा। अंधेरा होने के चलते मोबाइल की टार्च ऑनकर पीटते रहे। उसके बाद पर्स, घड़ी, चेन व अन्य सामान छीन लिया। चश्मा तोड़ दिया। मोबाइल की कॉल हिस्ट्री डिलीट कर रुपये ट्रांसफर करने का दबाव बनाया। पीड़ित ने क्यूआर कोड से दो हजार भेजे तो उसे पीटा।

पीड़ित बोला 50 हजार और लेकर छोड़ दो। आरोपियों ने धमकाया कि रुपये नहीं दोगे तो जान से मार देंगे। करीब दो घंटे बाद अपहृत रोहित अंधेरा का फायदा उठाकर भागने में सफल हो गया। किसी तरह कैब से रात में घर पहुंचा। 27 फरवरी को इलाज के बाद पीड़ित रोहित बंसल हजरतगंज कोतवाली पहुंचा और पुलिस को आपबीती बतायी। शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने आधा दर्जन बदमाशों के खिलाफ बंधक बनाकर डकैती, मारपीट, गाली-गलौज व धमकी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।

Related Articles

Back to top button