
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में वकीलों के चेंबर्स पर आज बुलडोजर नहीं चलेगा। कल बुलडोजर चलने के दौरान पुलिस पर पत्थर चलाए गए थे, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया था। नाराज वकीलों ने दोपहर के बाद बुलडोजर नहीं चलने दिया। आज से तीन दिन तक वकील हड़ताल पर हैं। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश पर प्रशासन वकीलों के 240 चेंबर हटा रहा है। अभी 50 से ज्यादा चेंबर गिराए जाने बाकी हैं। प्रशासन को 25 मई तक कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट देनी है।
दरअसल, लखनऊ के वजीरगंज क्षेत्र में अदालत परिसर के आस-पास बने वकीलों के कथित “अवैध चैंबर” को हटाने के दौरान रविवार को भारी बवाल हो गया। इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश पर नगर निगम द्वारा की जा रही इस ध्वस्तीकरण कार्रवाई का विरोध कर रहे अधिवक्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वकीलों पर हल्का लाठीचार्ज किया।
इस घटना के बाद वकीलों में भारी आक्रोश है और उन्होंने अगले तीन दिनों तक न्यायिक कार्य का पूरी तरह बहिष्कार (हड़ताल) करने का ऐलान कर दिया है।
कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई
पुलिस और नगर निगम प्रशासन के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई इलाहाबाद हाई कोर्ट के सख्त आदेशों के अनुपालन में की जा रही है। हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच के निर्देश पर प्रशासन को अदालत परिसर और उसके आस-पास से कुल 240 अवैध चैंबर्स और अतिक्रमण को हटाना है।
पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया, “अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात था। कुछ उपद्रवी तत्वों ने विरोध प्रदर्शन कर प्रशासनिक कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें मौके से हटाने के लिए आवश्यक बल प्रयोग किया, जिसके बाद अवैध अतिक्रमण को शांतिपूर्वक हटा दिया गया। फिलहाल, स्थिति नियंत्रण में है और एहतियातन पुलिस बल तैनात है।”
50 से ज्यादा चैंबर अभी बाकी
अधिकारियों के मुताबिक, इस अभियान के तहत अधिकांश अवैध चैंबर्स को ढहा दिया गया है, लेकिन अभी भी 50 से ज्यादा चैंबर गिराए जाने बाकी हैं। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती समय की है, क्योंकि हाई कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार, प्रशासन को 25 मई तक इस पूरी कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट अदालत में दाखिल करनी है। कल दोपहर के बाद उपजे तनाव और वकीलों के विरोध के कारण फिलहाल बुलडोजर की कार्रवाई को रोक दिया गया है।




