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पोस्टमार्टम में नहीं साफ हुआ प्रतीक यादव की मौत कारण-विसरा सुरक्षित, घर पहुंची पुलिस

समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी स्पष्ट नहीं हो सका, इसलिए विसरा सुरक्षित रखा गया है। उधर, डीसीपी विक्रांत वीर ने प्रतीक के घर पहुंचकर जांच की और प्रतीक का फोन जब्त किया है। पुलिस घर की परिस्थितियों की जांच में जुटी है-जिसमें प्रतीक की मौत हुई।

प्रतीक यादव की पत्नी और राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव भी लखनऊ पहुंच गई हैं। उनके घर शुभचिंतक और भाजपा नेता पहुंच रहे हैं। वहीं, सपा कार्यकर्ता प्रतीक की संदिग्ध मौत मामले में न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं। कुछ सीबीआई जांच की भी मांग उठा रहे हैं।

इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पोस्टमार्टम हाउस-केजीएमयू पहुंचे थे। पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा था कि प्रतीक की मौत के मामले में परिवार जो भी कहेगा-वो करेंगे।

प्रतीक यादव, मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। वह लखनऊ में अपना फिटनेस जिम चलाते थे और रियल एस्टेट के कारोबार में सक्रिय थे।

अचानक उनकी मौत ने यादव परिवार को झकझोर दिया है। हर कोई उनकी मौत से आह्त है। सपा समर्थकों में भी गम देखा जा रहा है। हर कोई प्रतीक की मौत की वजह जानना चाहता है। प्रतीक यादव का पोस्टमार्टम हो चुका है। रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ।

प्रतीक यादव को सुबह करीब 5 से 6 बजे के बीच सिविल अस्पताल में लाया गया था। सिविल अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक प्रतीक की पहले ही मौत हो चुकी है। ब्रेन डेड की स्थिति में उन्हें यहां लाया गया था।

शुरुआत में प्रतीक यादव के नाखुन नीले दिखने के आधार पर विषाक्त कारण माना जा रहा था। हालांकि अभी पीएम हो चुका है और उसमें वजह साफ नहीं हो पाई है तो ये मामला अभी भी बेचैनी भरा है।

उधर, प्रतीक की मौत पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा भाजपा के कई मंत्री और पदाधिकारियों ने शोक प्रकट किया है।

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