ओपिनियन

Arvinder Singh Lovely: BJP में शामिल हुए अरविंदर सिंह लवली, कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहाँ ‘चुनाव के दौरान धोखा दिया है’

Arvinder Singh Lovely Latest News : पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अरविंद सिंह लवली ने भाजपा का दामन थाम लिया। रिपोर्ट के मुताबिक कुछ दिनों पहले ही अरविंदर सिंह लवली ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। लवली के अलावा राजकुमार चौहान, नीरज बसोया, अमित मलिक और नसीब सिंह ने भी भाजपा का दामन थाम लिया। खबरों के मुताबिक इन सभी को आज मुख्यालय में दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने पार्टी में शामिल किया। आपको बता दे की 28 अप्रैल को लवली ने कांग्रेस पद से इस्तीफा दे दिया था।

अरविंदर सिंह लवली के भाजपा में शामिल होने से, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इन सभी का पार्टियों में स्वागत किया। और यह भी कहा कि जो व्यक्ति मूल रूप से दिल्ली का भला चाहता है। वह कभी कांग्रेस में रह ही नहीं सकता। इसके साथ ही आगे उन्होंने कहा कि, हम सब मिलकर दिल्ली को संवारने का काम करेंगे।

भाजपा का दामन थाम चुके अरविंद सिंह लवली ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि भाजपा उस समय हमारे लिए सबसे ज्यादा मददगार हुई। जब हम खोए-खोए घूम रहे थे। हम दिल्ली में भाजपा की सरकार बनाने में पूरा सहयोग करेंगे। और जो हमसे बन पड़ेगा हम करेंगे हम मोदी का हाथ और मजबूत करने का काम करेंगे।

क्यों दिया इस्तीफा हरविंदर सिंह लवली ने

रिपोर्ट के मुताबिक पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अरविंद सिंह लवली ने इस्तीफा इस वजह से दिया क्योंकि उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर नाराज थे। इसके साथ ही राजकुमार चौहान को टिकट नहीं मिलने पर भी नाराज थे। लवली ने मलिकार्जुन खड़गे को चिट्ठी लिखकर इस्तीफा भेजते हुए अपनी नाराज़गी की वजह बताई।

लवली के जाने के बाद कांग्रेस ने क्या बोला

रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने अरविंद सिंह लवली को कहा कि कांग्रेस ने उन्हें बच्चों की तरह पाला है। तीन बार विधायक, मंत्री, प्रदेश अध्यक्ष तक का पद सौपा और चुनाव के दौरान उन्होंने धोखा दे दिया। भाजपा में शामिल होकर उन्होंने दूसरी बार धोखा दिया। तो ऐसे लोगों का पार्टी से चले जाने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

इस्तीफा में बताई थी नाराजगी की वजह

पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अरविंद सिंह लवली ने अपने इस्तीफा में नाराजगी की वजह बताई और कहा ‘दिल्ली कांग्रेस इकाई उस पार्टी के साथ गठबंधन के खिलाफ थी, जो कांग्रेस पार्टी के खिलाफ झूठे, मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के एकमात्र आधार पर बनी थी। इसके बावजूद, पार्टी ने दिल्ली में आप के साथ गठबंधन करने का फैसला किया।’ इसके साथ ही लवली ने यह भी कहा कि कांग्रेस को दिल्ली में सिर्फ तीन सिम मिली थी। जिसमें दो सिम बाहर के लोगों को मिली थी।

Related Articles

Back to top button