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बंगाल में पर्यवेक्षक पद से हटाए गए IAS अधिकारी अनुराग यादव, ज्ञानेश कुमार से तीखी बहस के बाद हुई कार्रवाई!

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारियों के दौरान चुनाव आयोग की एक हाई-लेवल वर्चुअल समीक्षा बैठक में तीखी बहस हुई। उत्तर प्रदेश कैडर के 2000 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी अनुराग यादव को कूच बिहार दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के जनरल ऑब्जर्वर पद से हटा दिया गया है।

जानें क्या है पूरा मामला

8 अप्रैल को कोलकाता में आयोजित वर्चुअल बैठक में 294 ऑब्जर्वर शामिल थे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अनुराग यादव से उनके क्षेत्र की बुनियादी जानकारी, जैसे मतदान केंद्रों की संख्या, पूछी। अनुराग यादव जवाब देने में देरी कर गए और सही-सही जानकारी नहीं दे पाए। इस पर मुख्य चुनाव आयुक्त नाराज हो गए और कहा कि “घर वापस चले जाओ”। जवाब में अनुराग यादव ने कहा, “आप हमसे इस तरह बात नहीं कर सकते। हमने इस IAS सेवा में 25 साल दिए हैं।” बैठक में सन्नाटा छा गया।

चुनाव आयोग की कार्रवाईचुनाव आयोग ने इस घटना को गंभीर लापरवाही माना। आयोग के अनुसार, संवेदनशील कूच बिहार क्षेत्र में बुनियादी जानकारी न रखना स्वीकार्य नहीं है। शून्य सहनशीलता की नीति अपनाते हुए अनुराग यादव को तुरंत पद से हटा दिया गया और उनकी जगह नया ऑब्जर्वर नियुक्त कर दिया गया।आयोग के सूत्रों ने स्पष्ट किया कि हटाने का मुख्य कारण पेशेवर तैयारी की कमी (professional incompetence) है, न कि बहस।

अनुराग यादव कौन हैं?अनुराग यादव यूपी कैडर के सीनियर अधिकारी हैं और वर्तमान में उत्तर प्रदेश में प्रमुख सचिव (समाज कल्याण) के पद पर हैं। उन्हें हाल ही में पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया था। अब वे यूपी में अपने मूल विभाग में वापस लौट रहे हैं।

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