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दिल्ली में EC दफ्तर के सामने NSUI का हंगामा, वर्कर्स को पकड़ ले जाती दिखी पुलिस; नटराजन का नामांकन रद्द होने का कर रहे थे विरोध

Election Commission Office Protest: मध्य प्रदेश में कांग्रेस कैंडिडेट मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद सियासी बवाल बढ़ता जा रहा है। इस बीच, दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ्तर के सामने पटेल चौक पर कांग्रेस की स्टूडेंट विंग NSUI ने प्रदर्शन किया। इसके बाद दिल्ली पुलिस के जवान उन्हें पकड़कर ले जाते हुए दिखे। इस दौरान, NSUI के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की, जिसका वीडियो सामने आ गया है।

पुलिस पकड़ ले गई नारेबाजी करते NSUI वर्कर

वीडियो में दिख रहा है कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने से नाराज NSUI वर्कर नारेबाजी करते हैं। फिर वहां तुरंत पुलिस के जवान पहुंच जाते हैं और उन्हें पकड़ लेते हैं। इसके बाद प्रदर्शनकारियों को पुलिस की वैन में बैठाया जाता है और पटेल चौक से दूर ले जाया जाता है।

मीनाक्षी नटराजन का मामला लेकर SC पहुंची कांग्रेस

उधर, चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज करने के बाद कांग्रेस आज (शुक्रवार को) सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई थी। कांग्रेस की तरफ से रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए उसे रद्द करने की मांग की गई। इससे पहले बीते गुरुवार को कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने भोपाल में चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की लेकिन चुनाव आयोग की तरफ से कोई राहत नहीं मिली। आपको बता दें कि बीजेपी ने मीनाक्षी नटराजन पर लंबित मामले की जानकारी छिपाने का आरोप लगाया है, जिसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन रद्द कर दिया था।

चुनाव आयोग के सामने रखा मीनाक्षी नटराजन का पक्ष

हालांकि, कांग्रेस के बड़े-बड़े वकीलों ने आज दिल्ली में चुनाव आयोग के सामने भी मीनाक्षी नटराजन का पक्ष रखा था। इलेक्शन कमीशन को बताया कि भोपाल में रिटर्निंग ऑफिसर ने गैरकानूनी तरीके से एकतरफा फैसला सुनाया। कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि जिस केस को आधार बनाकर मीनाक्षी नटराजन का पर्चा रद्द किया गया, उस केस का अभी तक कोर्ट ने भी संज्ञान नहीं लिया है। इसलिए कानून के मुताबिक, इस केस की जानकारी एफिडेविट में देना जरूरी नहीं था।

नॉमिनेशन के एफिडेविट में कमियां गंभीर बात है- EC

अभिषेक मनु सिंघवी की दलीलें सुनने के बाद इलेक्शन कमीशन ने कहा कि नॉमिनेशन के एफिडेविट में कमियां गंभीर बात है। इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। चुनाव आयोग के इस रूख से सिंघवी परेशान दिखे। उन्होंने कहा कि जो बात कानून में साफ-साफ लिखी है। अगर चुनाव आयोग उसे भी नहीं देखना चाहता तो ये लोकतंत्र के साथ मजाक है। कांग्रेस इस मामले को आसानी से नहीं छोड़ेगी।

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