
नई दिल्ली/गुरुग्रामः गुरुग्राम की एक अदालत ने पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा को धन शोधन मामले में सात दिन की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेज दिया है। ईडी ने अरोड़ा (62) को जीएसटी धोखाधड़ी के एक मामले में उनके खिलाफ छापेमारी के बाद चंडीगढ़ स्थित उनके सरकारी आवास से शनिवार शाम गिरफ्तार किया था। इसके साथ ही ईडी ने उनसे जुड़ी कंपनी ‘हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड’ के गुरुग्राम स्थित परिसर पर छापेमारी की थी। कंपनी ने कहा है कि उसे कानूनी प्रक्रिया पर भरोसा है और वह सभी अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है। अरोड़ा को चंडीगढ़ से सड़क मार्ग द्वारा गुरुग्राम लाया गया, जहां धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विशेष अदालत ने उन्हें सात दिन की ईडी की हिरासत में भेज दिया। हालांकि, ईडी ने 10 दिन की हिरासत का अनुरोध किया था।
मंत्री के वकील ने बताया कि ईडी ने यह मामला पांच मई को दर्ज किया और नौ मई को गिरफ्तारी हुई। उन्होंने इसे ”राजनीति से प्रेरित” कार्रवाई बताया। ईडी के अनुसार, धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत ताजा जांच 100 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के मोबाइल फोन की ”फर्जी” जीएसटी (माल एवं सेवा कर) खरीद और उसके बाद निर्यात के जरिये कथित अवैध धन को दुबई से भारत वापस लाने से जुड़ी है।
आरोप है कि फर्जी ‘इनपुट टैक्स क्रेडिट’ (आईटीसी) का दावा करने के लिए दिल्ली की ”अस्तित्वहीन” कंपनियों से जीएसटी खरीद के कई फर्जी बिल प्राप्त किए गए। आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ईडी की कार्रवाई की निंदा करते हुए केंद्र पर विपक्षी नेताओं को डराकर भाजपा में शामिल होने के लिए मजबूर करने के लिए ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों को “हथियार” के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। इसके बाद भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि ‘आप’ सुप्रीमो और उनकी पार्टी घबराई हुई है क्योंकि वे जानते हैं कि “पंजाब में उनके दिन गिने-चुने हैं”।




