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महंगे रिचार्ज से छुट्टी! TRAI का बड़ा फैसला, टेलीकॉम कंपनियों को लॉन्च करना होगा बिना डेटा वाला सस्ता मंथली प्लान

TRAI ने टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन नियम में 13वां संशोधन करते हुए बड़ा फैसला किया है। अब टेलीकॉम ऑपरेटर्स Airtel, Jio, Vodafone Idea और BSNL को यूजर्स के लिए बिना डेटा वाला सस्ता मंथली प्लान लॉन्च करना होगा। पहले भी TRAI के आदेश पर टेलीकॉम ऑपरेटर्स ने वॉइस और SMS ओनली प्लान पेश किए हैं, जो 84 दिन और 365 दिनों की वैलिडिटी के साथ आते हैं।

लॉन्च करना होगा सस्ता टैरिफ वाउचर

TRAI ने TCPR 2026 के 13वें संसोधन को मंजूरी दे दी है, जिसमें टेलीकॉम ऑपरेटर्स को बिना डेटा वाले वॉइस और SMS ओनली वाले स्पेशल टैरिफ वाउचर (STV) लाने का निर्देश दिया गया है। इस नए नियम का ड्राफ्ट दूरसंचार नियामक ने 7 अप्रैल 2026 को अपनी वेबसाइट पर पब्लिश की थी। इस प्लान को खास तौर पर उन यूजर्स के लिए लाया जाएगा, जिनकी आय बहुत कम है। टेलीकॉम सर्विस लोगों के लिए एक जरूरी माध्यम बन गया है, जिसकी वजह से दूरसंचार नियामक ने टेलीकॉम ऑपरेटर्स को सस्ते मंथली प्लान लाने का आदेश दिया है।

क्या है नया नियम?

दूरसंचार नियामक ने अपने नए नियम में टेलीकॉम ऑपरेटर्स को आदेश दिया है कि हर टेलीकॉम ऑपरेटर्स को 30 दिन या इससे कम वैलिडिटी के स्पेशल टैरिफ वाउचर लॉन्च करने होंगे, जिनमें केवल वॉइस और SMS ऑफर किया जाएगा।

इसके अलावा दूरसंचार कंपनियों को यह भी आदेश दिया है कि उन्हें रिचार्ज कराने वाले ग्राहकों के सामने एक ऐसा विकल्प भी रखना होगा, जिसमें ग्राहक हर महीने एक तय तारीख पर अपना रिचार्ज रिन्यू कर सके। इससे ग्राहकों को अलग-अलग तारीखों पर रिचार्ज कराने की झंझट नहीं रहेगी।

साथ ही, 30 दिन से ज्यादा वैलिडिटी वाला कम से कम एक वॉइस और SMS ओनली प्लान भी ग्राहकों को देना होगा। इसका मतलब साफ है कि अब ग्राहकों के पास लंबी वैलिडिटी वाला भी वॉइस और SMS ओनली प्लान से रिचार्ज कराने का विकल्प रहेगा। दूरसंचार नियामक ने यह भी कहा है कि इन प्लान की कीमतों में उचित कटौती की जाए ताकि ये प्लान डेटा वाले प्लान के मुकाबले सस्ते हो।

इसके अलावा TRAI ने फर्जी कमर्शियल कॉल्स के नियमों को और सख्त कर दिया है। नए नियम के तहत संदिग्ध स्पैम की पहचान के लिए एआई बेस्ड तरीकों को शामिल किया गया है। साथ ही, ऑटोमैटेड कॉल्स के लिए नए नियम लागू किए गए हैं। संशोधित नियमों के मुताबिक, टेलीकॉम ऑपरेटर्स को संदिग्ध स्पैम एक्टिविटी से जुड़े नंबरों की जानकारी शेयर करनी होगी। यही नहीं, एक्टिविटी से जुड़े कई नंबरों पर संदेह होने पर आगे की जांच की अनुमति दी गई है।

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