
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिकायतों के त्वरित निस्तारण और विकास कार्यों की निगरानी के लिए लागू एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) की फरवरी माह की रिपोर्ट में रामपुर जिले ने शत-प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। शाहजहांपुर और बाराबंकी ने बराबर अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से दूसरा स्थान प्राप्त किया है जबकि जालौन तीसरे स्थान पर है।
आईजीआरएस के माध्यम से प्रदेश के जिलों में जन शिकायतों, राजस्व मामलों और विकास कार्यों की नियमित निगरानी की जाती है। हर माह 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की विभिन्न मानकों के आधार पर समीक्षा कर जिलों की रैंकिंग जारी की जाती है।
फरवरी की रिपोर्ट में रामपुर ने निर्धारित 140 में से पूरे 140 अंक हासिल कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया। रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि आईजीआरएस रिपोर्ट प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों की गुणवत्ता और राजस्व प्रबंधन के आधार पर जिलों के प्रदर्शन का आकलन करती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप जिले में विकास कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप रामपुर को आईजीआरएस और सीएम डैशबोर्ड दोनों में पहला स्थान मिला है।
शाहजहांपुर के जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में विकास परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाती है और जन शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता के संतुष्टिपूर्ण फीडबैक के आधार पर ही आईजीआरएस रिपोर्ट तैयार होती है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहती है।
रिपोर्ट के अनुसार शाहजहांपुर और बाराबंकी ने 137-137 अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि जालौन ने 136 अंक के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया। बरेली, श्रावस्ती और हाथरस ने 135-135 अंक हासिल कर चौथा स्थान प्राप्त किया। वहीं बलिया, आजमगढ़ और भदोही ने 134 अंक प्राप्त कर पांचवें स्थान पर जगह बनाई। टॉप-10 जिलों में अंबेडकरनगर, प्रयागराज, कन्नौज, पीलीभीत और हमीरपुर भी शामिल हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार आईजीआरएस की नियमित निगरानी से विकास कार्यों में तेजी आई है और जन शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी हुई है।




