Akash Anand News in hindi : सपा के कोऑर्डिनेटर पद से हटाए गए आकाश आनंद ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी। भाजपा नेता पार्टी प्रमुख मायावती के फैसले के बाद आकाश आनंद ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए अपनी टिप्पणी दी। आकाश आनंद ने अपनी टिप्पणी में यह कहा कि “आदरणीय बहन
मायावती जी, आप पूरे बहुजन समाज के लिए एक आदर्श हैं, करोड़ों देशवासी आपको पूजते हैं। आपके संघर्षों की वजह से ही आज हमारे समाज को एक ऐसी राजनैतिक ताक़त मिली है जिसके बूते बहुजन समाज आज सम्मान से जीना सीख पाया है। “
आदरणीय बहन @mayawati जी, आप पूरे बहुजन समाज के लिए एक आदर्श हैं, करोड़ों देशवासी आपको पूजते हैं। आपके संघर्षों की वजह से ही आज हमारे समाज को एक ऐसी राजनैतिक ताक़त मिली है जिसके बूते बहुजन समाज आज सम्मान से जीना सीख पाया है।
— Akash Anand (@AnandAkash_BSP) May 9, 2024
आप हमारी सर्वमान्य नेता हैं। आपका आदेश सिर माथे पे।…
रिपोर्ट के अनुसार सीतापुर में भड़काऊ भाषण देने की वजह से बसपा सुप्रीमो मायावती ने आकाश आनंद को कोऑर्डिनेटर के पद से हटा दिया है। मायावती ने देर रात मंगलवार को अहम जिम्मेदारियां से अलग कर दिया। इसकी वजह उनका अपरिपक्क होना बताई गई है। बता दे आकाश आनंद ने सीतापुर में जनसभा के दौरान भाजपा नेता की तुलना आतंकवादियों से कर दी थी।
आकाश आनंद के भड़काऊ भाषण देने की वजह से, उनके ऊपर आचार संहिता का उल्लंघन करने के कई मुकदमे दर्ज किए गए हैं। सूत्रों के अनुसार बसपा सुप्रीमो मायावती ने इसे बेहद गंभीरता से लेते हुए, आकाश आनंद की रैलियां के आयोजन पर रोक लगा दी। इसके बावजूद दिल्ली में पार्टी समर्थकों, छात्रों शिक्षको आदि से संपर्क साधते रहे विपक्षी नेताओं को लगातार निशाने पर लेते रहे।
रिपोर्ट के अनुसार बसपा सुप्रीमो मायावती ने मंगलवार को अपने ट्विटर के हैंडल यानी एक्स पर आकाश आनंद को नेशनल कोऑर्डिनेटर के पद से हटाने का ऐलान किया। हालांकि उन्होंने आकाश आनंद के पिता और अपने भाई आनंद कुमार को पार्टी व मूवमेंट के हित में पहले की तरह जिम्मेदारी निभाने की बात कही।
पांच महीने से भी काम कर कार्यकाल
आकाश आनंद की शुरुआत बसपा में कोऑर्डिनेटर के तौर पर अच्छी नहीं रही है। मात्र 5 महीना में ही अपने भाषण को लेकर उन्हें कोऑर्डिनेटर के पद से हटा दिया गया। इसके साथ थी बसपा सुप्रीमो मायावती ने आकाश आनंद के पिता और अपने भाई आनंद कुमार को पार्टी व मूवमेंट के हित में पहले की तरह अपनी जिम्मेदारी निभाने रहने की बात कही। बता दे की आकाश आनंद को बीते वर्ष दिसंबर में लखनऊ में पदकारियों के सम्मेलन में मायावती ने अपना उत्तर अधिकारी घोषित किया था। हालांकि उन्होंने आकाश को यूपी और उत्तराखंड से दूर रखने का निर्णय भी लिया था। इसके बावजूद लोकसभा चुनाव आने पर आकाश आनंद ने बसपा की जनसभाओं की शुरुआत नगीना से की।
सूत्रों के अनुसार बसपा सुप्रीमो ने आकाश आनंद के प्रचार पर लोक लगा दिया है। इसके बावजूद वह दिल्ली में रहकर प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों, दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षकों, विदेश में बसे बहुजन समाज के लोगों के साथ संपर्क करते हुए, बसपा का प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे मुद्दों को भी हवा दी जिसमें बसपा बचाना पसंद करती है। वहीं बसपा सुप्रीमो खुद भी लगातार चुनाव के आचार संगीता का उल्लंघन करने पर चुनाव आयोग से सख्त कार्रवाई करने की मांग कर रही है। ऐसा हालत में उन्होंने सबसे पहले अपने उत्तराधिकारी पर ही गाज गिरकर बड़ा संदेश देने की कोशिश की।




