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सुप्रीमकोर्ट के जजों को आदेश… हवा में कागज उछाले और चीफ जस्टिस के लिए अभद्र भाषा! देश की सर्वोच्च अदालत में यूपी के एक और वकील का कारनामा

सुप्रीमकोर्ट में सुनवाई के दौरान एक याचिकाकर्ता वकील, न्यायाधीशों को ही आदेश देना लगा। शायद यह पहली घटना है, जब देश की सर्वोच्चल अदालत में खड़ा होकर कोई व्यक्ति जजों को ही आदेश दे रहा हो। हालांकि वह आदेश देने तक ही नहीं थमा। अचानक आपा खो दिया। न्यायाधीशों की तरफ फाइल के कागज उछाले।

मुख्य न्यायाधीश के लिए अभद्र भाषा बोली। इससे पहल वह कोई और कांड करता, सुरक्षाकर्मियों ने पकड़कर बाहर निकाला। वकील की इस करतूत से कोर्टरूम के अंदर सन्नाटा छा गया। वकील का नाम प्रबल प्रताप है, जो यूपी के प्रतापगढ़ जनपद का रहने वाला है। कोर्टरूम में वकील की इस करतूत से लेकर उसके केस पर एक नजर डालते हैं।

कोर्टरूम में क्या हुआ

सुप्रीमकोर्ट में जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस केवी विश्वनाथ की पीठ सुनवाई कर रही थी। वकील प्रबल प्रताप, जोकि खुद की पिटीशनर भी हैं-अपने केस की पैरवी के लिए खड़े हुए। बोले-मिस्टर न्यायिक सर्वेंट। मैं आपको आदेश देता हूं कि लखनऊ के एसपीपी विकासनगर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करें। वकील के आदेशात्मक लहजे पर कोर्ट में सन्नाटा छा गया। बेंच से लेकर दूसरे वकील तक, सब के सब हैरान रह गए। जस्टिस केवी विश्वनाथ ने पूछा-आप हमें आदेश दे रहे हैं? इस पर वकील प्रबल प्रताप आपा खो बैठे। हवा में फाइल उछाली और मुख्य न्यायाधीश के लिए अभद्र भाषा बोलने लगे। सुरक्षाकर्मियों ने दौड़कर वकील को पकड़ा और बाहर लेकर आए।

कार्रवाई नहीं सहानुभूति जताई 

सुप्रीमकोर्ट की बेंच ने वकील प्रबल प्रतात की इस हरकत पर उसके प्रति सहानुभूति जताई। जस्टिस केवी विश्वनाथ ने कहा कि-वह काफी परेशान है और यह सब उसकी हताशा दिखाता। हम उससे सहानुभूति है। उसके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं चाहते।

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