
बिश्केक। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर सोमवार को चिंता व्यक्त की और भारत के इस रूख को दोहराया कि सभी मुद्दों का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से किया जाना चाहिए। शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने किर्गिस्तान गये PM मोदी ने सोमवार को राजधानी बिश्केक में ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेश्कियन के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान यह बात कही।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से कहा कि भारत आने वाले समय में ईरान के साथ व्यापार का दायरा ”बढ़ाना और उसमें विविधता लाना” चाहता है तथा पश्चिम एशिया में स्थायी शांति सुनिश्चित करने के सभी प्रयासों का समर्थन करना जारी रखेगा। PM मोदी ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन से इतर पेजेश्कियान के साथ बातचीत की।
बैठक के बाद जारी किया बयान
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा, ”बिश्केक में राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात हुई। ईरान के साथ भारत की पुरानी दोस्ती को अलग-अलग क्षेत्रों में और मजबूत करने के हमारे संकल्प को दोहराया।”
उन्होंने कहा, ”हम आने वाले समय में द्विपक्षीय व्यापार के दायरे को विस्तारित करना और उसमें विविधता लाना चाहते हैं। हमने क्षेत्र के मौजूदा हालात पर चर्चा की। भारत स्थायी शांति सुनिश्चित करने के मकसद से की जा रही सभी कोशिशों का समर्थन करना जारी रखेगा।”
SCO बैठक से इतर हुई दोनों नेताओं की बैठक
विदेश मंत्रालय ने बताया कि एससीओ सम्मेलन से इतर हुई बैठक में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की। उन्होंने पश्चिम एशिया संघर्ष में हाल के घटनाक्रमों और बदलती स्थिति में पर अपने-अपने दृष्टिकोण साझा किए। श्री मोदी ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता व्यक्त की और भारत के इस निरंतर रूख को दोहराया कि सभी मुद्दों का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से किया जाना चाहिए।
पीएम मोदी की बातें
बिश्केक में राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन से मुलाकात की। विभिन्न क्षेत्रों में ईरान के साथ भारत की दीर्घकालिक मित्रता को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने व्यापार के दायरे का विस्तार और विविधीकरण को बताया अहम और क्षेत्र में वर्तमान स्थिति पर चर्चा की।भारत स्थायी शांति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किए जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करता रहेगा।”
प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता को भी दोहराया। नौवहन और वाणिज्य की स्वतंत्रता की रक्षा का आह्वान करते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों और नागरिक अवसंरचना, जिसमें वाणिज्यिक जहाजरानी और नाविक शामिल हैं, को किसी भी परिस्थिति में नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए।
क्यों अहम दोनों नेताओं की बैठक?
मोदी ने आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिन्यान के साथ भी अलग से द्विपक्षीय बैठक की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ”बिश्केक में एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिन्यान के साथ एक शानदार बैठक हुई।” उन्होंने कहा, ”भारत और आर्मेनिया के बीच रक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, शिक्षा, फार्मास्यूटिकल्स और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने वाला है। हमें पूरा भरोसा है कि आने वाले समय में व्यापार और निवेश के संबंध और मजबूत होंगे।
BRICS के लिए किया आमंत्रित
ब्रिक्स और एससीओ सहित बहुपक्षीय संगठनों में ईरान के साथ घनिष्ठ सहयोग की भारत की तत्परता को दोहराते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हम ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन का भारत में स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।




