
भारतीय सिनेमा के लिए साल 2026 शुरुआत से ही अच्छा साबित हो रहा है। इस साल कमाई के मामले में इंडस्ट्री को ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को नहीं मिले। कई क्षेत्रीय और मुख्यधारा की फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया है। बॉलीवुड से लेकर साउथ के लिए ये साल शानदार रहा। ‘धुरंधर द रिवेंज’, ‘जाना नायगन’ और ‘आवारापन 2’ जैसी बड़ी फिल्मों ने अपने-अपने स्तर पर दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में सफलता हासिल की। हालांकि कमाई और मुनाफे के आंकड़ों के मामले में साल की सबसे बड़ी हिट बनने का सेहरा किसी बड़े स्टार-स्टडेड प्रोजेक्ट के सिर नहीं बंधा है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि एक बेहद छोटी, बिना किसी बड़े प्रचार और बिना किसी नामचीन स्टारकास्ट वाली आध्यात्मिक फिल्म के नाम दर्ज हुई है, जिसने अपनी लागत का 20 गुना से अधिक कारोबार कर पूरी फिल्म इंडस्ट्री को चौंका दिया है।
माउथ-पब्लिसिटी के दम पर 2 करोड़ की फिल्म ने गाड़े झंडे
महान संत और आध्यात्मिक प्रतीक नीम करोली बाबा के जीवन-वृत्त पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ चालू वर्ष की सबसे लाभदायक भारतीय फिल्म बनकर उभरी है। लगभग 2 करोड़ रुपये के सीमित बजट में तैयार हुई इस फिल्म ने अब तक 2000% से अधिक का भारी-भरकम रिटर्न दिया है। अगस्त महीने की शुरुआत में जब यह फिल्म सिनेमाघरों में उतरी तो शुरुआती दिनों में इसे दर्शकों का खास प्रतिसाद नहीं मिला। पहले सप्ताह के प्रदर्शन को देखकर इसे असफल मान लिया गया था, लेकिन दूसरे हफ्ते से दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया और ‘वर्ड ऑफ माउथ’ ने ऐसा रुख बदला कि सिनेमाघर मालिकों को इसके शो बढ़ाने पड़े।
‘धुरंधर 2’ और ‘आवारापन 2’ जैसी दिग्गज फिल्मों को पछाड़ा
फिल्म ने अपने शुरुआती तीन दिनों में केवल 60 लाख रुपये का कारोबार किया था, जो चौथे वीकएंड तक तेजी से बढ़कर 28 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया। वर्तमान में फिल्म का घरेलू नेट कलेक्शन 42 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है और यह आसानी से 50 करोड़ रुपये के मील के पत्थर की ओर बढ़ रही है। ट्रेड एनालिस्ट का अनुमान है कि जिस गति से दर्शक सिनेमाघरों का रुख कर रहे हैं, फिल्म का कुल कारोबार 100 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। यदि ऐसा होता है तो इसका प्रॉफिट मार्जिन 2000 प्रतिशत से बढ़कर 5000% तक जा सकता है। तुलनात्मक रूप से देखें तो 125 करोड़ के बजट वाली ‘धुरंधर 2’ ने करीब 1000% का मुनाफा ही कमाया है, जबकि 30 करोड़ में बनी ‘आवारापन 2’ का मुनाफा लगभग 450% रहा।
लक्ष्मण दास से नीम करोली बाबा बनने की पावन गाथा
‘हनुमान अंश’ की कहानी मुख्य रूप से बालक लक्ष्मण दास के आध्यात्मिक झुकाव और उनके नीम करोली बाबा बनने तक की प्रेरक यात्रा को दर्शाती है। इसमें उनके 13 वर्ष की आयु से लेकर एक पूजनीय आध्यात्मिक संत के रूप में स्थापित होने के सफर को संजीदगी से बुना गया है। विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में चंदन आनंद और शोभिनव सत्या ने प्रमुख भूमिकाएं निभाई हैं। बिना किसी तामझाम के रिलीज हुई यह फिल्म साबित करती है कि यदि कहानी में दम हो तो बिना बड़े सितारों और प्रचार-प्रसार के भी इतिहास रचा जा सकता है।




