
ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक टीएमसी के नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक में पार्टी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, “जो हारे हैं, उन्हें जबरदस्ती हराया गया है। मैं पश्चिम बंगाल पुलिस, सीआरपीएफ, भाजपा समर्थक मुख्य निर्वाचन अधिकारी और चुनाव आयोग की निंदा करती हूं। 1500 से अधिक पार्टी कार्यालयों पर कब्जा कर लिया गया। मुझे धक्का-मुक्की की गई। मुझे सीने में दर्द हो रहा था। यह चुनाव नहीं, बल्कि एक अत्याचार था।” ममता ने कहा, हम रवींद्र जयंती से शुरुआत करेंगे, बिमान दा अदालत जाएंगे… हम हार सकते हैं लेकिन लड़ेंगे। मैंने उन्हें नैतिक रूप से हरा दिया और अब अगर ज़रूरत पड़ने पर हम अंतरराष्ट्रीय अदालत जाएंगे।
मैं इस्तीफा नहीं दूंगी, वे मुझे बर्खास्त कर दें
टीएमसी के नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक में पार्टी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, “बंगाल के बाद अब इंडिया गठबंधन की टीम एकजुट है। मैं इस्तीफा नहीं दूंगी। वे मुझे बर्खास्त कर दें। मैं चाहती हूं कि यह काला दिन हो। हमें मजबूत रहना होगा। विधानसभा के पहले दिन काले कपड़े पहनें। जिन्होंने विश्वासघात किया है, उन्हें पार्टी से निकाल दिया जाएगा। मैं हंस रही हूं। मैंने उन्हें नैतिक रूप से हराया है। मैं एक स्वतंत्र पंछी हूं। मैंने सबके लिए काम किया है। हम भले ही हार गए हों, लेकिन हम लड़ेंगे। गृह मंत्री और प्रधानमंत्री सीधे तौर पर इसमें शामिल हैं।”
तृणमूल ने बुलाई बैठक, नहीं पहुंचे 10 विधायक
खबरों के मुताबिक, ममता बनर्जी के आवास पर विपक्ष के नेता का चयन करने के लिए बुलाई गई महत्वपूर्ण बैठक में तृणमूल कांग्रेस के लगभग 10 विधायक अनुपस्थित रहे। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता, सांसद और विधायक शामिल हुए। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस ने आंतरिक विचार-विमर्श शुरू कर दिया है, लेकिन इस महत्वपूर्ण रणनीति बैठक में पार्टी के 80 नवनिर्वाचित विधायकों में से केवल 70 ही उपस्थित थे। चर्चा का उद्देश्य विधानसभा में पार्टी की स्थिति और नेतृत्व संरचना को अंतिम रूप देना है, जिसमें अगले विपक्ष के नेता का चयन भी शामिल है।




