
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर सवाल उठाते हुए उनकी आय के स्रोत के खुलासे की मांग की। पार्टी ने दावा किया कि राहुल गांधी की साल दर साल आय और उनकी विदेश यात्राओं पर होने वाले खर्च के बीच स्पष्ट विसंगति है।
भाजपा मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने दावा किया कि राहुल गांधी पिछले 22 वर्षों में 54 बार विदेश यात्रा पर गए, जिन पर कुल 60 करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च आया। भाजपा नेता ने कहा कि इसके विपरीत, पिछले 10 वर्षों के चुनावी हलफनामों के अनुसार उनकी कुल घोषित वार्षिक आय लगभग 11 करोड़ रुपये रही है।
सांसद पात्रा ने चुनावी हलफनामों का हवाला देते हुए कहा कि राहुल गांधी की घोषित कुल संपत्ति 2004 में 55.38 लाख रुपये थी, जो 2024 में बढ़कर 20.39 करोड़ रुपये हो गई। उन्होंने सवाल किया, “जब उनकी कुल संपत्ति और देनदारियां लगभग 21 करोड़ रुपये हैं, तो इन विदेश यात्राओं पर खर्च हुए 60 करोड़ रुपये का हिसाब कैसे बैठता है?”
भाजपा सांसद ने मांग की कि कांग्रेस और राहुल गांधी बताएं कि लोकसभा में विपक्ष के नेता की इन यात्राओं का खर्च किसने उठाया। गांधी की विदेश यात्राओं का वर्षवार ब्योरा साझा करते हुए भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता ने अपनी कई विदेश यात्राओं का खुलासा नहीं किया और वे ‘रहस्यमयी’ रही हैं।
उन्होंने कहा, “यह कानूनी सवाल पैदा करता है। विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के प्रावधानों के तहत, किसी भी सांसद, न्यायाधीश या सरकारी अधिकारी को किसी भी एजेंसी द्वारा प्रायोजित यात्रा के लिए गृह मंत्रालय से पूर्व अनुमति लेनी होती है।” पात्रा ने कहा, “यदि कोई व्यक्ति अपने व्यक्तिगत खर्च पर विदेश यात्रा करता है, तो उसे इसका विवरण आयकर रिटर्न में देना होता है।
यदि विदेश में आपको कोई उपहार मिलता है या आप पर अज्ञात तरीके से पैसा खर्च किया जाता है, तो यह ‘काला धन अधिनियम 2015’ के प्रावधानों के दायरे में आता है।” भाजपा नेता ने सवाल किया, “क्या उन्होंने अपनी विदेश यात्राओं के लिए गृह मंत्रालय से अनिवार्य पूर्व अनुमति प्राप्त की थी? दस्तावेज़ कहां हैं? क्या उन्होंने आयकर रिटर्न में इसका खुलासा किया है?”
पात्रा ने दावा किया कि पिछले साल सितंबर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर दिसंबर 2024 से सितंबर 2025 के बीच राहुल गांधी की छह “अघोषित विदेश यात्राओं” पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ ने अपने आधिकारिक पत्र में कहा कि ये सभी छह विदेश यात्राएं एसपीजी सुरक्षा के ‘येलो बुक’ प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हुए की गईं।
भाजपा नेता ने कहा, “हम पूछना चाहते हैं कि तीन मई 2026 की रात गांधी की मस्कट (ओमान) की निजी यात्रा का एक वीडियो फुटेज सामने आया है। उन्होंने किसी सार्वजनिक कार्यक्रम की घोषणा नहीं की थी। न तो मेजबान का खुलासा किया गया और न ही कोई यात्रा कार्यक्रम बताया गया। उन्हें किसने आमंत्रित किया था? इसके लिए एफसीआरए की धारा छह के तहत अनिवार्य अनुमति भी नहीं दिखाई गई है।”
भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “यदि ओमान से जुड़ी इस जानकारी की पुष्टि हो जाती है, तो यह ‘येलो बुक’ सुरक्षा प्रोटोकॉल (नियमों) के उल्लंघन और अघोषित विदेश यात्राओं के उस क्रम में सातवीं यात्रा होगी।” पात्रा ने कहा कि गांधी द्वारा की जा रही ये विदेश यात्राएं और विशेष रूप से उनकी “रहस्यमयी यात्राएं” गंभीर सवाल खड़े करती हैं, खासकर तब जब वह भविष्य में देश का प्रधानमंत्री बनने की आकांक्षा रखते हैं।
भाजपा नेता ने सवाल किया, “वह किस मकसद से ओमान गए थे? वहां उन्होंने किससे मुलाकात की? वहां उन्होंने देश के खिलाफ क्या बोला? उन्होंने वहां किस तरह की साजिश रची?” पात्रा ने कहा, “भारत सरकार उन्हें छोड़ने वाली नहीं है। यह ‘नया भारत’ है। हर जगह कैमरे लगे हैं। हर चीज़ का हिसाब रखा जा रहा है। हमने आज केवल एक छोटा सा लेखा-जोखा जारी किया है। अभी कई तथ्य और दस्तावेज़ उपलब्ध हैं और उन्हें (राहुल गांधी) बख्शा नहीं जाएगा।”




