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Mahesh Babu: अभिनेता महेश बाबू जल्द जायेंगे अज्ञातवास में, बताई ये बड़ी वजह

Mahesh babu साउथ के बहुत बड़े सुपरस्टार हैं। साउथ में उनकी हर फिल्में सुपर डुपर हिट होती हैं। जुलाई महीने में जब साउथ सिनेमा के सुपरस्टार महेश बाबू की बतौर हीरो रिलीज पहली फिल्म ‘राजकुमारुडु’ की रिलीज के 25 साल पूरे होने जा रहे हैं तो शायद या फैंस के बीच जश्न मनाने के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि अपनी फिल्म ‘बाहुबली’ और ‘आरआरआर’ के लिए दुनिया भर में मशहूर निर्देशक एस एस राजामौली उनका चेहरा मोहरा बदलने जा रहे हैं।

महेश बाबू की पिछले फिल्म ‘गुंटुर कारम’ इस साल जनवरी में रिलीज हुई थी। आपको बता दे यह फिल्म 200 करोड़ की लागत में बनी थी। लेकिन बॉक्स ऑफिस पर इतनी रकम बटोरने में यह फिल्म नाकाम रही। रिपोर्ट के मुताबिक अभिनेता महेश बाबू ने 2 साल पहले ‘मेजर’ के निर्माण के तौर पर, जब महेश बाबू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिंदी सिनेमा को लेकर अशोभनीय टिप्पणी की थी। तब से हिंदी भाषा क्षेत्र में उनकी फिल्मों को लेकर चाव कम हो गया है।

निर्देशक से राजमौली के सामने चुनौती है कि प्रभात को फिल्म ‘बाहुबली’ और रामचरण और जूनियर एनटीआर को ‘आरआरआर’ से इंटरनेशनल स्टार बनाने के बाद, अब महेश बाबू को दुनिया भर में ना सही लेकिन भारत के घर-घर तक पहुंचा पहुंचाना चाहते हैं। आपको बता दे की से राजमौली की अगली फिल्म महेश बाबू के साथ आने वाली है। इसकी आधिकारिक घोषणा ‘आरआरआर’ के रिलीज के साथी कर दी गई थी। लेकिन अभी इस फिल्म की शुरुआत नहीं हो सकी है। फिल्म से जुड़े सूत्र बताते हैं की फिल्म की पटकथा और कहानी पर काफी लंबे समय से काम चल रहा है। कई बैठकों के बाद अब जाकर इस फिल्म की कहानी और पटकथा का संवाद पूरा हो चुका है। अब बारी है फिल्म के कार्यशालाओं पर काम करने की, राजामौली के बारे में सर्वाधिक है कि स्टार कितना भी बड़ा क्यों ना हो लेकिन वह अपनी फिल्म शुरू करने से पहले उसके साथ वर्कशॉप जरूर करते हैं। महेश बाबू भी खुद को अब इन्हीं सब के लिए तैयार कर रहे हैं।

दूसरी तरफ खबर या निकल कर आ रही है कि महेश बाबू का गेटअप इस फिल्म में कुछ ऐसा होगा, जिसका आज से पहले प्रशंसकों ने देखा तक नहीं होगा। उनके मुताबिक महेश बाबू को अब जनता के बीच कम से कम देखना होगा। फिल्म की शूटिंग और फर्स्ट लुक आने तक महेश बाबू एक तरह के अज्ञातवास में भी रह सकते हैं। आपको बता दे से निर्देशक राजमौली की कोई भी फिल्म अगर कोई अभिनेता करता है तो वह पूरी तरीके से जब तक फिल्म का पहला लुक नहीं आ जाता, वह एक तरीके से अज्ञातवास में चला जाता है। अभिनेता महेश बाबू की एक बार गेट उप फाइनल होने के बाद उनका सार्वजनिक रूप से देखना बहुत कम हो जाएगा।

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