उत्तर प्रदेशबड़ी खबर

राम मंदिर चंदा चोरी की जांच के लिए नई SIT गठित, किरण एस 4 सदस्यीय टीम के हेड

राम मंदिर चंदा चोरी मामले की जांच के लिए नई विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन कर दिया गया है। यूपी सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने यह जानकारी दी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि चढ़ावा चोरी के मामले में आगे की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है। इस जांच टीम में कुल चार लोग हैं। आईजी किरण एस जांच टीम के हेड हैं। उनके साथ दो पुलिस अधिकारी हैं, जो डीआईजी और एसपी रैंक के हैं। इसके अलावा एक चार्टर्ड अकाउंटेंट को भी जांच टीम का हिस्सा बनाया गया है।

राम मंदिर चंदा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से बताया गया कि नई एसआईटी का गठन 25 जुलाई को किया गया। सरकार की तरफ से पेश हुए एसजी मेहता ने उच्चतम न्यायालय के इस सुझाव पर सहमत जताई कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए बनाई जाने वाली एसआईटी में एक फोरेंसिक ऑडिटर को भी शामिल किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नई एसआईटी दो सप्ताह के भीतर यथास्थिति रिपोर्ट दाखिल करे।

सुप्रीम कोर्ट ने दिया था नई एसआईटी बनाने का सुझाव

इस मामले पर पिछली सुनवाई 20 जुलाई को हुई थी, तब सुप्रीम कोर्ट ने नई एसआईटी बनाने का सुझाव दिया था। कोर्ट ने कहा था कि पहले वाली एसआईटी में लखनऊ के कमिश्नर, वित्त विभाग के विशेष सचिव और लखनऊ के एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी शामिल थे। सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव दिया था कि उसी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की अगुवाई में नई एसआईटी बनाकर पूरे मामले की जांच कराई जानी चाहिए। इससे पहले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया था कि पहली एसआईटी सिर्फ शुरुआती जांच कर रही थी। उनका काम सिर्फ यह पता करना था कि गंभीर अपराध हुआ है या नहीं। जांच में अपराध की बात सामने आई। इसके बाद एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इस पर कोर्ट ने पूछा था कि क्या पूरे मामले की जांच के लिए नई एसआईटी बनाई जा रही है। इस पर नकारात्मक जवाब मिलने पर कोर्ट ने नई एसआईटी बनाने का सुझाव दिया था।

पूजा-पाठ और धार्मिक मामलों की देखरेख के लिए नई समिति

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर में पूजा-पाठ, रीति-रिवाजों और धार्मिक मामलों की देखरेख के लिए नौ सदस्यीय एक स्थायी धार्मिक समिति बनाई गई है। इस समिति में देश के प्रमुख हिंदू धर्मगुरु, धर्म ग्रंथों के विद्वान और रामानंदी परंपरा के संत हैं। बुधवार (22 जुलाई) को ट्रस्ट ने अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस समिति को मंजूरी दी। यह समिति रोजाना की पूजा, बड़े धार्मिक त्योहारों, वैदिक रीति-रिवाजों, पुजारियों की नियुक्ति-प्रशिक्षण और मंदिर की पारंपरिक पूजा पद्धति को बनाए रखने जैसे मामलों पर अंतिम निर्णय लेगी। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महंत गोविंद देव गिरि की अध्यक्षता वाली इस समिति में जगतगुरु शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती, कर्नाटक के पेजावर मठ के स्वामी विश्व प्रसन्नतीर्थ, निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेन्द्र दास, मणिराम छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास, रामवल्लभ कुंज के महंत राजकुमार दास, राम कथा कुंज के स्वामी रामानंद दास, महंत मिथिलेश नंदिनी शरण और हरिद्वार के अखंड परमधाम आश्रम के स्वामी परमानंद गिरि शामिल हैं।

Related Articles

Back to top button