
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को दोनों महापुरुषों को नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने हजरतगंज स्थित श्री गांधी आश्रम खादी ग्रामोद्योग बोर्ड भवन भंडार पहुंचकर खादी के वस्त्रों की खरीदारी की और प्रदेशवासियों से खादी को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।
सीएम योगी ने कहा कि गांधी आश्रम का चरखा केवल चरखा नहीं, बल्कि भारत के स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का आधार है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने ग्राम स्वराज की जो परिकल्पना की थी, उसे साकार करने की दिशा में गांवों को भी स्वावलंबन का केंद्र बनाया जा रहा है।
‘बचपन में उत्सुकता से देखते थे गांधी आश्रम के कपड़े’
सीएम योगी ने कहा कि बचपन में वह गांधी आश्रम के कपड़ों को बड़ी उत्सुकता से देखते थे और आज उन्हें अंगीकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि खादी और चरखा देश की आत्मनिर्भरता से जुड़े प्रतीक हैं। योगी ने कहा कि पहले ग्राम स्वराज को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते थे, लेकिन वास्तविकता यह थी कि गांवों को उपेक्षित छोड़ दिया गया था। अब गांवों को स्वावलंबन का आधार बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
ग्राम सचिवालयों से गांव में रोजगार की सुविधा
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सरकार ने हर गांव में ग्राम सचिवालय का गठन किया है। इनके माध्यम से गांव में ही चार से सात लोगों को रोजगार की सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि जो समाज अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का भाव रखता है, वह भावी पीढ़ी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। उनके मुताबिक नया भारत महात्मा गांधी के सपनों को साकार करने की दिशा में प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहा है।
खादी के कपड़ों पर 25 फीसदी छूट
गांधी जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री ने खादी को लेकर प्रदेशवासियों के लिए छूट की घोषणा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि खादी भारत की स्वाधीनता का मंत्र रही है और प्रदेश सरकार ने खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25 फीसदी की छूट उपलब्ध कराई है। उन्होंने लोगों से खादी खरीदने और इसे जीवन का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए कहा कि इससे कारीगरों, हस्तशिल्पियों और बुनकरों के हुनर को सम्मान मिलेगा।
‘स्वदेशी से स्वावलंबन’ बना था आजादी का मंत्र
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि महात्मा गांधी की 157वीं और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती है। उन्होंने कहा कि बापू का ‘स्वदेशी से स्वावलंबन’ का संदेश भारत की आजादी के आंदोलन का महत्वपूर्ण मंत्र बना। योगी ने कहा कि गांधी के नेतृत्व में आजादी का आंदोलन व्यापक जनांदोलन में बदल गया। इसमें देश के गांवों तक के लोग जुड़े और आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिला।
‘लोकल टू ग्लोबल’ के जरिए आत्मनिर्भरता पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी का आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन का मंत्र विकसित भारत की आधारशिला बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘लोकल टू ग्लोबल’ की बात करते हैं। योगी के मुताबिक गांवों, कारीगरों, हस्तशिल्पियों और बुनकरों के उत्पादों को प्रोत्साहित करना तथा उन्हें बाजार उपलब्ध कराना स्वतंत्रता आंदोलन के महानायकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का भी एक माध्यम है।
स्वच्छता और स्वावलंबन को जीवन का मंत्र बनाने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी ने लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन को जनांदोलन में बदलने का काम किया। उनके स्वदेशी, स्वच्छता और स्वावलंबन से जुड़े विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि गांधी के स्वच्छता संबंधी विचारों को आगे बढ़ाते हुए स्वच्छ भारत अभियान ने स्वच्छ और स्वस्थ भारत की दिशा में आधार तैयार किया है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से स्वदेशी, स्वच्छता और स्वावलंबन को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।




