
महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बेटे जय पवार ने हालिया विमान दुर्घटना को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में जय पवार ने कहा कि विमान दुर्घटना में ब्लैक बॉक्स का “सहज रूप से नष्ट हो जाना” संभव नहीं है और इस पूरे मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जय के बाद शिवसेना यूबीटी सांसद अनिल देसाई ने इस हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जय पवार ने लिखा कि महाराष्ट्र की जनता को इस हृदयविदारक दुर्घटना का “पूर्ण, पारदर्शक और निर्विवाद सत्य” जानने का अधिकार है। उन्होंने मांग की कि संबंधित एयरलाइन की उड़ानों को तत्काल प्रभाव से रोका जाए और विमानों के रखरखाव में संभावित गंभीर अनियमितताओं की गहन जांच की जाए।
पिता को याद कर लिखा- मिस यू डैड
जय पवार ने यह भी कहा कि पूरे प्रकरण में किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। अपने भावुक संदेश के अंत में जय पवार ने “मिस यू डैड” लिखते हुए अपने पिता को याद किया।
अनिल देसाई ने भी जांच की मांग की
शिवसेना यूबीटी सांसद अनिल देसाई ने भी विमान हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग की। सरकार से व्यापक और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि जब स्वयं उनके परिवार के सदस्य, उनके पुत्र जय पवार और भतीजे रोहित पवार इस प्रकरण पर प्रश्न उठा रहे हैं, तब सरकार का दायित्व है कि वह सभी पहलुओं और प्रत्येक कोण से गहन जांच कराए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जनमानस में किसी प्रकार की शंका उत्पन्न हुई है, तो उन शंकाओं का निराकरण पारदर्शी जांच के माध्यम से किया जाना चाहिए।
बीजेपी पर साधा निशाना
भिवंडी महानगरपालिका की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए अनिल देसाई ने भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के बीच चल रहे मतभेदों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शिंदे गुट भारतीय जनता पार्टी पर सत्ता के लिए विभिन्न दलों से गठबंधन करने तथा विश्वासघात करने के आरोप लगा रहा है, किंतु उन्होंने भी पूर्व में यही राजनीतिक पद्धति अपनाई थी। अब उन्हें भारतीय जनता पार्टी की कार्यशैली का अनुभव हो रहा है और इससे उन्हें सीख लेनी चाहिए। मुंबई के कोस्टल मिररोड (म्यूजिकल रोड) परियोजना को लेकर जारी विवाद पर अनिल देसाई ने कहा कि यदि स्थानीय नागरिकों को इस “संगीत पट्टियों” वाली सड़क का विरोध है, तो सरकार को जनता की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित के विषयों पर राजनीति करने के बजाय सरकार को जनमत को प्राथमिकता देनी चाहिए।




