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UNESCO में अम्बेडकर प्रतिमा अनावरण पर CM योगी का बड़ा ऐलान… 2027 तक गरीबी मुक्त उत्तर प्रदेश

लखनऊ। संविधान दिवस पर पेरिस से आई एक विशेष तस्वीर ने पूरे देश, खासकर उत्तर प्रदेश को गर्व से भर दिया। यूनेस्को मुख्यालय में भारतीय संविधान के शिल्पकार डॉ. भीमराव राव अम्बेडकर की प्रतिमा का भव्य अनावरण किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने ‘योगी की पाती’ के माध्यम से प्रदेशवासियों को संबोधित किया और बाबा साहेब को भावपूर्ण श्रद्धांजलि देते हुए प्रदेश को वर्ष 2027 तक गरीबी मुक्त प्रदेश बनाने की बात कही है।

सोमवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर प्रदेश की जनता के नाम संबोधित “योगी की पाती” पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विश्व समुदाय जब बाबा साहेब के योगदान को सराहता है, तो यह क्षण प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का होता है। उन्होंने कहा कि अम्बेडकर केवल संविधान निर्माता ही नहीं थे, बल्कि सामाजिक न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व की मूल भावना को जीवन में उतारने वाले युगांतरकारी महापुरुष थे। शोषित, वंचित और दबे-कुचले वर्गों को अधिकार दिलाने की उनकी कोशिशें आज भी सामाजिक परिवर्तन का आधार हैं। योगी ने कहा कि उनकी ही प्रेरणा से उत्तर प्रदेश की सरकार ने दलितों, वंचितों और कमजोर तबकों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएँ चलाई हैं। शिक्षा, छात्रवृत्ति, छात्रावास सुविधाएँ, प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भरता तथा आर्थिक सहायता-इन सभी क्षेत्रों में व्यापक सुधार किए गए हैं।

सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी जरूरतमंद सामाजिक सुरक्षा से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब की सोच पर चलते हुए प्रदेश में ‘जीरो पॉवर्टी अभियान’ संचालित किया जा रहा है। इसके तहत कमजोर वर्गों तक आवास, राशन, पेंशन, शिक्षा, श्रम योजनाएँ और बाल विकास कार्यक्रमों का लाभ तेज गति से पहुँचाया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 तक उत्तर प्रदेश को गरीबी मुक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि महापरिनिर्वाण दिवस, 6 दिसंबर को हम बाबा साहेब को श्रद्धापूर्वक नमन करेंगे और संविधान की मूल आत्मा-समानता, न्याय और बंधुत्व-को जीवन में उतारने का संकल्प लेंगे।

मुख्यमंत्री ने अपील की कि समाज का हर व्यक्ति इन मूल्यों को अपनाकर समतामूलक और संवेदनशील व्यवस्था के निर्माण में अपनी भूमिका निभाए।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाबा साहेब के मार्ग पर चलकर ही राष्ट्र सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बन सकता है।

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