उत्तर प्रदेश

रिश्वत लेते रंगे हाथों धरे गए दरोगा: डीलर भी दबोचा, एंटी करप्शन टीम अयोध्या ने की कार्रवाई

बाराबंकी। मारपीट को लेकर दर्ज मुकदमे में और नाम न बढ़ाने के लिए रिश्वत ले रहे बदोसरांय थाने में तैनात उपनिरीक्षक को एंटी करप्शन टीम ने धर दबोचा। दरोगा के पास से टीम तय रकम का आधे 25 हजार रुपये बरामद किए, वहीं इस मामले में डीलिंग कराने वाला एक शख्स भी धरा गया। दोनों के खिलाफ मामले की रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।

बदोसरांय थाना क्षेत्र के ग्राम खलसापुर में गत वर्ष के अक्टूबर माह में जमीनी रंजिश को लेकर मारपीट हो गई थी। पीड़ित महिला की ओर से दर्ज इस मामले में थाने पर तैनात प्रमोटी उपनिरीक्षक सुरेश कुमार विवेचक थे। बताया जा रहा कि दरोगा की ओर से लगातार दबाव के बाद आरोपी सूरज ने संपर्क किया तो रिपोर्ट में और नाम न बढ़ाने के लिए 50 हजार रुपये का लेन देन तय हुआ। उधर सूरज ने एंटी करप्शन टीम अयोध्या तक शिकायत पहुंचा दी।

टीम ने सबकुछ तय कर दिया। सोमवार को इसी मामले में शपथ पत्र जमा करने के लिए हाईकोर्ट जाने की बात कहकर दरोगा सुरेश कुमार थाने से निकले। सफदरगंज थाना क्षेत्र में चौपुला पर दरोगा की सूरज से भेंट हुई, तय रकम का आधा 25 हजार रुपये दरोगा के हाथ जाते ही पास ही निगाह रख रही टीम ने रंगे हाथों दबोच लिया। इसी दौरान मामले में डीलिंग करा रहा खुर्शीद नामक व्यक्ति भी दबोच लिया गया। यहां से टीम आरोपियों को थाने ले गई, जहां पर देर शाम इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

यह था मामला

बदोसरांय थाना क्षेत्र के खलसापुर गांव में पारिवारिक जमीनी रंजिश को लेकर दबंगों द्वारा एक महिला समेत कई लोगों पर जानलेवा हमला किया गया था। विमला देवी पत्नी अनिल सोनी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 5 अक्टूबर 2025 की सुबह उनके पट्टीदार सूरज, अनूप पुत्रगण राजकुमार, ललित, अनुज, ओमकार पुत्रगण राजेश, राजेश व राजकुमार पुत्रगण राजाराम तथा सूरज की पत्नी एक राय होकर उनके घर में घुस आए। आरोप है कि हमलावरों ने लाठी-डंडा, लोहे की रॉड और बांका जैसे घातक हथियारों से जान से मारने की नीयत से हमला किया। इस दौरान विमला देवी, उनके भतीजे रवि, देवर अखिलेश, जेठ राजेन्द्र और जेठानी (पत्नी राजकपूर) के साथ गाली-गलौज करते हुए बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे सभी लोग लहूलुहान हो गए।

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