संभल हिंसा की रिपोर्ट में खुलासा, अपराधिक तत्वों पर चला डंडा तब हिंदुओं को हुआ भरोसा

योगी सरकार जब 2017 में आई, उसके बाद संभल से हिंदुओं का पलायन रुका। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रूख से जेहादियों का एजेंडा थमा और अपराधिक तत्वों पर न्याय का डंडा चलना शुरु हुआ। इसके बाद हिंदुओं को संभल में सुरक्षित रहने का भरोसा हुआ। सरकार ने 68 पौराणिक तीर्थ स्थल और 19 प्राचीन कूप को अवैध कब्जे से मुक्त कराए। साथ ही मस्जिद, मजार, कब्रिस्तान और मदरसों का अवैध कब्जा भी हटा।
यह बातें संभल हिंसा की जांच करने वाले न्यायिक आयोग की रिपोर्ट में है। कहा गया है कि आजादी के बाद से लगातार हिंदुओं को पलायन के लिए विवश किया गया। हिंदुओं के घर दुकान कारोबार पर सत्ता के संरक्षण में अवैध कब्जे हुए। लेकिन मुख्यमंत्री के रूप में गद्दी संभालने के बाद योगी आदित्यनाथ की सरकार ने पहली बार संभल के हिंदुओं के भरोसे को कायम किया। कहा गया है कि 2017 से पहले हिन्दुओं का पलायन, दंगों में हिंदुओं की हत्या और उनकी संपतियों को नुकसान पहुंचाना संभल की कड़वी सच्चाई थी। तुष्टिकरण की राजनीति, अवसरवादी नेताओं की जोडतोड़ और दंगों की साजिशों ने यहां के सामाजिक ताने-बाने को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया था।
लेकिन 2017 के बाद तस्वीर तेजी से बदली है। मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से स्थिति को गंभीरता से समझा, सर्वे कराया और अराजक तत्वों को जेल भेजा। दंगों से हिंदुओं के संहार की योजना को ध्वस्त किया। सख्त कानून व्यवस्था के साथ-साथ विकास योजनाओं का सिलसिला शुरु हुआ, जिसने लोगों के भीतर सुरक्षा और विश्वास की भावना जगाई। इन सब चीजों का नतीजा यह रहा कि संभल से हिंदुओं का पलायन रुका, कानून का इकबाल मजबूत हुई और दंगाई जेलों में भेजे गए। सुरक्षा को लेकर हिंदुओं का भरोसा जागा।
सांस्कृतिक धरोहरों का पुनरुद्धार सम्भल में नया अध्याय
भगवान कल्कि की नगरी संभल अपने पुराने गौरव को प्राप्त करने की दिशा में बढ़ता नजर आ रहा। वर्षों से छिन्न-भिन्न सांस्कृतिक धरोहरों का पुनरुद्धार संभल में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा सकता है। सम्भल के 68 पौराणिक तीर्थस्थलों और 19 प्राचीन कूपों को कब्जा मुक्त कराने की कार्रवाई के साथ कल्कि अवतार मंदिर समेत कई प्राचीन धार्मिक स्थानों पर सर्वे और विकास कार्य चल रहे हैं। तीर्थों को उनके पुराने स्वरूप में लाने के लिए काम हो रहे। सम्भल में पिछले एक वर्ष के दौरान 68.942 हेक्टेयर भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई गई। जीरो टॉलरेंस का परिणाम रहा कि कुल 37 अवैध कब्जे हटाए। इसमें मस्जिद से 16, मजार से 12, कब्रिस्तान से 7 और मदरसा से 2 अतिक्रमण शामिल रहे।
बिजली चोरी रोकने के अभियान से नई पहचान
राज्य सरकार का कहना है कि राजनीतिक, धार्मिक और दबंग लोग ही नहीं, पूरा का पूरा मोहल्ला करोड़ों की बिजली चोरी करते पकड़ा गया। नतीजतन संभल में लाइन लॉस 82% से घटकर 18% पर आ गया और 84 करोड़ रुपये की राजकीय धनराशि की बचत हुई। बीमा माफिया पर हुई ऐतिहासिक कार्रवाई में 100 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी का खुलासा कर 67 लोगों को जेल भेजा गया। संभल में निर्यात में प्रदेश में 10वें स्थान पर पहुंच गया है और वितीय वर्ष 2024-25 में ₹2405 करोड़ का निर्यात किया गया है, जिसमें ”वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के तहत मेटेलिक, वुडन और हैंडीक्राफ्ट उत्पादों का विशेष योगदान रहा।