
होली के पावन पर्व को देखते हुए विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने 1 मार्च से 4 मार्च तक प्रदेश में कोई आंदोलन, प्रदर्शन या कार्य बहिष्कार नहीं किया जाएगा और सभी बिजली कर्मी उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में पूरी निष्ठा से जुटे रहेंगे।
संघर्ष समिति ने पॉवर कारपोरेशन प्रबंधन के चेयरमैन से मांग की है कि होली जैसे सौहार्द और सामाजिक समरसता के पर्व से पूर्व निजीकरण के नाम पर बिजली कर्मियों के विरुद्ध की गई सभी उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां तत्काल वापस ली जाएं। समिति का कहना है कि पर्व के समय निलंबन और स्थानांतरण जैसी कार्रवाइयों से कर्मियों में तनाव उत्पन्न हो रहा है।
समिति ने स्पष्ट किया कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में चल रहा आंदोलन होली के बाद और अधिक व्यापक व तेज किया जाएगा। निजीकरण का निर्णय पूरी तरह वापस होने तक संघर्ष जारी रहेगा, लेकिन त्योहार के दौरान सामाजिक जिम्मेदारी को प्राथमिकता दी जाएगी।
संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि जब बिजली कर्मी होली पर निर्बाध आपूर्ति के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, उसी समय राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश में बड़े पैमाने पर निलंबन और स्थानांतरण की कार्रवाई कर वातावरण को तनावपूर्ण बनाया गया है।




