उत्तर प्रदेश

लखनऊ पीजीआई में बच्चों के दिल का उपचार शुरू, नहीं जाना पड़ेगा दिल्ली

  • 6 बेड का आईसीयू, 30 बेड का वार्ड और ओटी आरक्षित

पीजीआई/लखनऊ। संजय गांधी पीजीआई संस्थान में जन्मजात हृदय रोगों से जूझ रहे बच्चों के लिए राहत की खबर है। अब संस्थान में बच्चों के दिल के छेद और वॉल्व संबंधी सर्जरी शुरू हो गई है। इसके लिए पीजीआई में बच्चों के लिए छह बेड का विशेष आईसीयू, 30 बेड का वार्ड और एक ऑपरेशन थिएटर आरक्षित किया गया है।

पहले जहां ऐसे मामलों में बच्चों को इलाज के लिए दिल्ली या अन्य बड़े शहरों के अस्पतालों में जाना पड़ता था, अब यह सुविधा लखनऊ में ही उपलब्ध हो गई है। सीवीटीएस विभागाध्यक्ष डॉ. एसके अग्रवाल ने बताया कि बच्चों में दिल के छेद, वॉल्व की खराबी समेत कई जन्मजात बीमारियां होती हैं, जिनमें समय पर सर्जरी जरूरी होती है। अब पीजीआई में हर माह 10 से अधिक बच्चों के ऑपरेशन किए जा रहे हैं।

विभाग में डॉक्टरों और संसाधनों की संख्या बढ़ने पर बेड की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। पीजीआई में बच्चों के हृदय रोगों के समग्र उपचार के लिए 200 बेड का अत्याधुनिक केंद्र स्थापित किया जा रहा है। इसमें 100 बेड आईसीयू के होंगे। नवजात से लेकर 18 वर्ष तक के बच्चों के लिए यह सेंटर एक बड़ा सहारा बनेगा।

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