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अखिलेश यादव के तीखे तंज पर ब्रजेश पाठक का पलटवार, कहा- ‘विदेश में पढ़ने वाले को भारतीय भाषा से क्या मतलब’

लखनऊ। यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव के बीच भाषा को लेकर वार-पलटवार देखने को मिला है। सपा प्रमुख ने अवधी बोलने पर तंज कसा, तो उपमुख्यमंत्री पाठक ने पलटवार करते हुए कहा है कि अखिलेश यादव को भारतीय संस्कृति से और स्थानीय भाषाओं से दिक्कत है।

ब्रजेश पाठक ने शुक्रवार को सपा प्रमुख के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “अखिलेश यादव के पेट में दर्द है। उन्हें भारतीय संस्कृति से, अवध, भोजपुरी और अन्य स्थानीय भाषाओं से दिक्कत है। वो तो विदेश में पढ़े हैं, उनको भारतीय भाषाओं, उत्तर प्रदेश की भाषाओं से क्या मतलब है।” दोनों नेताओं के बीच घमासान उस समय शुरू हुआ, जब अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर ब्रजेश पाठक का एक वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में ब्रजेश पाठक पत्रकारों के सवालों का जवाब अवधी भाषा में दे रहे थे। अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा, “भाषा बोलो या बोली, छुपती नहीं चोरी।”

इससे पहले, ब्रजेश पाठक ने कहा, “सपा और कांग्रेस के लोग नहीं चाहते हैं कि हमारी बहनें संसद में बैठें। वे हमेशा माता-बहनों के लिए खाई खोदने में लगी रहती हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहनों के खातिर हमेशा काम करते रहे हैं। एक विशेष सत्र बुलाकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन करके तत्काल लागू करने की व्यवस्था प्रधानमंत्री मोदी कर रहे हैं।”

इधर, शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पश्चिम बंगाल में भाजपा के संकल्प पत्र पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल में एकतरफा चुनाव जीत रही है। तृणमूल कांग्रेस की कलई खुल गई है। गुंडई, अराजकता और कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है। बंगाल की आंतरिक सुरक्षा भी पूरी तरह से खराब हो चुकी है। बंगाल की आम जनता टीएमसी से ऊबकर भाजपा के साथ आ चुकी है। भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ बंगाल में सरकार बनाएगी।”

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