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IOA का बड़ा फैसला: संविधान में बदलाव मंजूर, अब 75 साल तक चुनाव और लगातार 3 कार्यकाल का रास्ता साफ

नई दिल्लीः भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने मंगलवार को अपनी विशेष आम सभा की बैठक में संविधान में किए गए कई बदलावों को मंजूरी दे दी। ये बदलाव राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम (NSGA) के नियमों के तहत किए गए हैं।

इन बदलावों के बाद IOA के पदाधिकारी पहले की तुलना में अधिक उम्र तक चुनाव लड़ सकेंगे और ज्यादा समय तक पद पर रह सकेंगे।

IOA की कार्यकारी समिति ने इन बदलावों को 19 अगस्त को ही मंजूरी दे दी थी। मंगलवार को विशेष आम सभा की बैठक में इन्हें अंतिम मंजूरी दे दी गई।

अब 75 साल तक चुनाव लड़ने का मौका

आईओए के पुराने नियम के मुताबिक 70 साल की उम्र पूरी कर चुका व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकता था। नए नियमों के तहत अब 70 से 75 साल की उम्र का व्यक्ति भी चुनाव लड़ सकता है या किसी पद के लिए नामित किया जा सकता है।

हालांकि, इसके लिए अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के चार्टर और नियमों में इसकी अनुमति होना जरूरी है।

अब तीन बार लगातार पद पर रह सकेंगे

पहले IOA के किसी पदाधिकारी को लगातार दो कार्यकाल से ज्यादा पद पर रहने की अनुमति नहीं थी। दो कार्यकाल पूरे करने के बाद उसे कुछ समय के लिए पद से दूर रहना पड़ता था। इसे कूलिंग ऑफ पीरियड कहा जाता है।

अब नए नियमों के तहत कोई व्यक्ति अध्यक्ष, महासचिव या कोषाध्यक्ष के पद पर लगातार तीन कार्यकाल तक रह सकता है।

ये तीन कार्यकाल एक ही पद पर या अलग-अलग पदों पर हो सकते हैं। इसके लिए बीच में कूलिंग ऑफ पीरियड लेना जरूरी नहीं होगा।

कार्यकारी परिषद में सदस्यों की संख्या पर बदलाव नहीं

IOA ने NSGA के ज्यादातर नियमों को अपने संविधान में शामिल कर लिया है। हालांकि, कार्यकारी परिषद में सदस्यों की संख्या को लेकर पुराने नियम को ही जारी रखने का फैसला किया गया है।

इसके तहत आईओसी सदस्य को छोड़कर आईओए की कार्यकारी परिषद में 15 सदस्य रहेंगे।

फिलहाल IOA की कार्यकारी परिषद में भारत के आईओसी सदस्य को मिलाकर कुल 16 सदस्य हैं। आईओसी सदस्य को पदेन सदस्य के तौर पर वोट देने का अधिकार है।

वहीं, राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम 2025 में आईओसी सदस्य समेत 15 सदस्यीय कार्यकारी परिषद का प्रावधान किया गया है।

आईओसी को बदलावों पर बड़ी आपत्ति नहीं

आईओए कार्यकारी परिषद के सदस्य रोहित राजपाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने संविधान में किए गए बदलावों को देखा है। इन बदलावों पर आईओसी को मूल रूप से कोई आपत्ति नहीं है।

आईओए ने इससे पहले संविधान में बदलाव का शुरुआती मसौदा आईओसी को भेजा था। राजपाल ने कहा कि आईओए को दूसरे राष्ट्रीय खेल महासंघों के सामने भी एक उदाहरण पेश करना है। अब आईओए का संविधान एनएसजीए के नियमों के अनुरूप हो गया है।

आईओए चुनाव पर अभी कोई फैसला नहीं

मंगलवार की बैठक में 10 दिसंबर से पहले आईओए चुनाव की प्रक्रिया शुरू करने पर कोई फैसला नहीं हुआ।

पीटी उषा की अध्यक्षता वाले मौजूदा पदाधिकारियों का चुनाव 10 दिसंबर 2022 को चार साल के कार्यकाल के लिए हुआ था।

आईओए के एक कार्यकारी परिषद सदस्य के मुताबिक, सरकार पहले ऐसे लोगों की एक समिति बनाएगी, जो चुनाव अधिकारी की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। इसके बाद आईओए की कार्यकारी परिषद उनमें से किसी एक को चुनाव अधिकारी चुनेगी।

चुनाव से पहले खिलाड़ी आयोग में बदलाव होगा

आईओए के नए चुनाव से पहले खिलाड़ी आयोग का भी पुनर्गठन किया जाएगा। इसके साथ ही खेलों में उपलब्धि हासिल करने वाले खिलाड़ियों यानी ‘स्पोर्ट्सपर्सन ऑफ मेरिट’ का चयन किया जाएगा।

इन खिलाड़ियों को आईओए की आम सभा में मतदान करने वाले सदस्यों के तौर पर शामिल किया जाएगा। इसके बाद नए पदाधिकारियों के चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

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