राज्यसभा चुनाव के बाद आए सियासी संकट को टालने के लिए कांग्रेस नेतृत्व ने समन्वय समिति का फार्मूला निकालने की कोशिश की लेकिन सुखविंदर सरकार के गिरने का खतरा अभी टला नहीं है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक विक्रमादित्य सिंह का दल सुखविंदर सरकार को गिराने का पूरा मन बना चूका है और खबर यह भी है कि विक्रमादित्य सिंह कांग्रेस के पूर्व बागी विधायकों के साथ मिलकर दिल्ली पहुंच चुके हैं लेकिन उनका अगला कदम क्या होगा यह अभी कहा नहीं जा सकता.
कुछ लोगों का कहना है कि विक्रमादित्य सभी बागी विधायकों के साथ भाजपा में शामिल हो सकते हैं लेकिन इससे विक्रमादित्य सिंह और उनके पिता वीरभद्र सिंह की सियासी विरासत पूरी तरह से खत्म हो जाएगी. वहीं खबर यह भी आ रही है कि विक्रमादित्य ‘वीरभद्र कांग्रेस’ जैसी एक नयी पार्टी का ऐलान कर सकते हैं. सुक्खू सरकार की मौजूदा मजबूती की बात करें तो वह गिनती के तीन विधायकों पर टिकी है. अगर विक्रमादित्य के साथ 3 विधायक और चले गए तो सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार गिर जाएगी.
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