
बिहार सरकार ने नई पीढ़ी यानी Gen Z के युवाओं और छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के लिए एक अनूठी पहल की घोषणा की है। शिक्षा विभाग की तरफ से आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला सह चिंतन शिविर को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को ऐलान किया कि राज्य के सभी स्कूल और कॉलेजों में मंत्रियों, विधायकों, सांसदों और जिलाधिकारियों (DM) को भेजा जाएगा, जो सीधे छात्रों से संवाद कर उनकी परेशानियों को सुनेंगे और उनके सुझाव प्राप्त करेंगे।
30 दिनों में होगा समाधान, नहीं तो…
सरकार की इस योजना के तहत छात्रों से मिलने वाले सभी सुझावों और समस्याओं को एक विशेष डिजिटल पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। पोर्टल पर दर्ज की गई हर समस्या का समाधान 30 दिनों के भीतर किया जाना अनिवार्य होगा। यदि तय समय यानी 30 दिनों के भीतर समस्याओं का निदान नहीं होता है, तो ऐसी स्थिति में मुख्यमंत्री के स्तर पर छात्रों के लिए महीने में एक बार सहयोग शिविर का आयोजन किया जाएगा।




