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राष्ट्रपति का देश के नाम संबोधन- दुनिया में युद्ध के कारण संकट, इसके बावजूद तेजी से बढ़ रही हमारी अर्थव्यवस्था

स्वतंत्रता दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र के नाम संबोधन किया। द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर, मैं सभी को बधाई देना चाहती हूं। कुछ ही घंटों में, देश की स्वतंत्रता के 80वें वर्ष की शुभ शुरुआत होगी। मैं तीनों सशस्त्र बलों, सभी सशस्त्र पुलिस बलों और पुलिस कर्मियों की कर्तव्य-निष्ठा की सराहना करती हूं। मैं उन भारतीयों की भी प्रशंसा करती हूं जो वैश्विक मंच पर देश का मान-सम्मान बढ़ा रहे हैं, साथ ही विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों में काम करने वाले नागरिकों की भी सराहना करती हूं।

दुनिया में संकट के बावजूद तेजी से बढ़ रही भारत की इकोनॉमी

द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि आज के भारत में हर कोई सपने देख सकता है और आगे बढ़ सकता है। दुनिया में युद्ध के कारण संकट है। इसके बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। दुनियाभर में युद्ध और अस्थिरता के बावजूद, भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर वैश्विक औसत से दोगुनी से भी ज्यादा रहने का अनुमान है। दुनिया के आधे से अधिक रियल-टाइम डिजिटल ट्रांजैक्शन भारत में होते हैं। साथ ही, उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रणाली से जुड़े हर व्यक्ति का यह कर्तव्य है कि वह सुनिश्चित करे कि संसाधनों की कमी के कारण कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे।

सिंधु जल समझौता रद्द होने को राष्ट्र हित में बताया

‘ऑपरेशन सिंदूर’ को याद करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकी नेटवर्क के खिलाफ सटीक हमले करने की भारतीय सशस्त्र बलों की क्षमता को प्रदर्शित किया। आतंकवादियों और उनका समर्थन करने वालों को, चाहे वे कहीं भी छिपे हों, अंजाम भुगतना ही होगा। वहीं, सिंधु जल समझौते पर राष्ट्रपति बोलीं, ‘आतंकवाद को पनाह देने वाले देश के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित करना राष्ट्रीय हित में है। खासकर किसानों के लिए यह एक निर्णायक कदम है।’

राष्ट्रपति ने 78 वीरता पुरस्कारों को दी मंजूरी

गौरतलब है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर रक्षा बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कर्मियों के लिए 78 वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दी है, जिनमें 13 मरणोपरांत पुरस्कार शामिल हैं।

और 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने की तरफ बढ़ रहा भारत

राष्ट्रपति ने कहा कि मुफ्त राशन कार्यक्रम 80 करोड़ से अधिक लाभार्थियों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है। वहीं, 3 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य हासिल किया गया, देश अब 3 करोड़ और ‘लखपति दीदी’ बनाने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। जान लें कि कभी पाकिस्तान से भी कम GDP ग्रोथ रेट भारत का था लेकिन वह अपनी रणनीति और सकारात्मक फैसलों के चलते हमारे पड़ोसी से 10 गुना GDP वाली इकोनॉमी बन चुका है।

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