
वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान का शीर्ष सैन्य नेतृत्व खत्म हो चुका है और दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के बेटे मोज्तबा खामेनेई करीब 90 फीसदी तक खत्म हो चुके हैं। ट्रंप का यह बयान उस समय आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच फिर से मिसाइल हमले और जवाबी कार्रवाई तेज हो गई है। दोनों देशों के बीच तनाव अब खाड़ी क्षेत्र में बड़े सैन्य टकराव का रूप लेता दिखाई दे रहा है।
‘ईरान की रक्षा व्यवस्था पूरी तरह तबाह’
फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और इजरायल की हालिया संयुक्त सैन्य कार्रवाई ने ईरान की रक्षा व्यवस्था को पूरी तरह कमजोर कर दिया है। ट्रंप ने कहा, ‘उनके पास अब कोई नेवी नहीं है। उनके पास कोई एयरफोर्स नहीं है। सब खत्म हो गया है। उनका एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम भी खत्म हो चुका है। उनके सभी नेता मारे जा चुके हैं।’ उन्होंने दावा किया कि ईरान के सबसे सक्षम रणनीतिक कमांडरों को सैन्य अभियानों के दौरान निशाना बनाया गया और वे अब मौजूद नहीं हैं। ट्रंप ने कहा,
‘उनके सबसे अच्छे नेता मारे जा चुके हैं। वे खत्म हो चुके हैं। खामेनेई खत्म हो गए हैं।’
मोज्तबा को लेकर भी ट्रंप का बड़ा दावा
ट्रंप ने आगे दावा किया कि अली खामेनेई के बेटे और ईरान के मौजूदा सुप्रीम लीडर मोज्तबा खामेनेई भी अमेरिकी सैन्य अभियान में प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि मोज्तबा खामेनेई ’90 फीसदी खत्म’ हो चुके हैं। मोज्तबा खामेनेई को अपने पिता का स्वाभाविक उत्तराधिकारी माना जाता रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह पहले हुए हवाई हमले में गंभीर रूप से घायल हुए थे और हाल में ईरान और इराक में हुए बड़े अंतिम संस्कार कार्यक्रमों में भी नजर नहीं आए।
‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ पर अमेरिका की सख्ती
ट्रंप का यह बयान अमेरिका की ओर से ईरान पर दबाव बढ़ाने की नई घोषणा के साथ आया। अमेरिका ने कहा है कि वह ईरान पर समुद्री नाकेबंदी दोबारा लागू करेगा और ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ से गुजरने वाले जहाजों से सुरक्षित रास्ते के लिए शुल्क लेगा। ट्रंप ने इससे पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर घोषणा की थी कि अमेरिकी सेना अब ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के गार्डियन’ की भूमिका निभाएगी। उन्होंने लिखा,
‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला है और ईरान चाहे या न चाहे, खुला ही रहेगा। हम ईरान के खिलाफ नाकेबंदी दोबारा लागू कर रहे हैं। इसका मतलब केवल ईरान के जहाजों या उसके ग्राहकों को रोकना है। बाकी सभी देशों को इस जलमार्ग के उचित इस्तेमाल का मौका मिलेगा।’
जहाजों पर 20 फीसदी शुल्क लगाने की तैयारी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का इस्तेमाल करने वाले देशों को वहां सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में अमेरिका की मदद करनी चाहिए। उन्होंने इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले माल पर 20 फीसदी शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है। अमेरिका का कहना है कि यह राशि क्षेत्र में सुरक्षा अभियान चलाने और जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने में होने वाले खर्च की भरपाई के लिए ली जाएगी।
ईरान ने ट्रंप के दावे को पूरी तरह खारिज किया
होर्मुज में शुल्क वसूलने के अमेरिका के ऐलान के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज की सुरक्षा की जिम्मेदारी अमेरिका की नहीं बल्कि ईरान की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा,
‘ईरान हमेशा से होर्मुज जलडमरूमध्य का संरक्षक रहा है और हमेशा रहेगा। 20 फीसदी शुल्क निश्चित रूप से बहुत ज्यादा है। हम उचित व्यवस्था करेंगे।’
ईरान ने अमेरिका के इस कदम को एकतरफा फैसला बताया और कहा कि होर्मुज पर सुरक्षा और नियंत्रण का अधिकार ऐतिहासिक और कानूनी रूप से उसके पास है।
होर्मुज बना अमेरिका-ईरान टकराव का नया केंद्र
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती बयानबाजी और सैन्य कार्रवाई ने खाड़ी क्षेत्र में तनाव को और गंभीर बना दिया है। होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की आपूर्ति होती है। ऐसे में इस क्षेत्र पर नियंत्रण को लेकर दोनों देशों के दावे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बन गए हैं। मौजूदा हालात में अमेरिका और ईरान दोनों ही होर्मुज की सुरक्षा और संचालन की जिम्मेदारी अपने हाथ में होने का दावा कर रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय संघर्ष और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।




