
अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर के ऐलान के बाद भारत सरकार की पहली प्रतिक्रिया आई है। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर सीजफायर का स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा, हम इस संघर्ष-विराम का स्वागत करते हैं और आशा करते हैं कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित होगी। जैसा कि हमने पहले भी लगातार जोर दिया है, जारी संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने के लिए तनाव कम करना, बातचीत और कूटनीति अत्यंत आवश्यक हैं।
बयान में आगे कहा गया है, इस संघर्ष ने लोगों को पहले ही भारी कष्ट पहुंचाया है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति तथा व्यापार नेटवर्क को बाधित किया है। हमें उम्मीद है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते नौवहन की अबाध स्वतंत्रता और वैश्विक वाणिज्य का प्रवाह बना रहेगा।
फारस की खाड़ी में भारत के कितने नाविक फंसे?
वहीं, सीजफायर के ऐलान के बाद होर्मुज का रास्ता फिर खुल रहा है। भारत सरकार की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार अभी फारस की खाड़ी में भारत के 16 जहाज लंगर डाले खड़े हैं। जिनपर 433 नाविक फंसे हुए थे। अब ये जहाज जल्द कूच करने की तैयारी में हैं। इन जहाजों को भारत पहुंचने में तीन दिन से लेकर एक हफ्ते तक का समय लग सकता है।




