कारोबार

Ecom Website : ई कॉमर्स कंपनियों को बड़ा झटका, “Bournvita” को हेल्थ ड्रिंक के नाम पर नहीं बेच पाएंगी !

Ecom Website News : बॉर्नविटा और अन्य प्रोडक्ट को हल्दी ड्रिंक के नाम से बचने वाली बड़ी-बड़ी कॉमर्स कंपनियों को लगा बड़ा झटका, सरकार ने सभी ई-कॉमर्स कंपनियों को अपने वेबसाइट से “हेल्थी ड्रिंक” की कैटेगरी में रखने वाले सारे ड्रिंक को हटाने का निर्देश जारी कर दिया है। इस नोटिफिकेशन के जारी होने के बाद से बड़ी-बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी है, जैसे कि फ्लिपकार्ट और अमेजॉन अपनी वेबसाइट पर हेल्थी ड्रिंक की कैटेगरी में रखने वाले, सारे प्रोडक्ट्स को हटाना पड़ेगा। इसके अलावा ई-कॉमर्स प्लेटफार्म, अब इस हेल्थी ड्रिंक बता कर नहीं बेच सकती हैं। ऐसा करने पर यह गैर कानूनी माना जाएगा। आपको बता दें कि इस निर्देश को 10 अप्रैल को जारी कर दिया गया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक राष्ट्रीय बाल अधिकरण संरक्षण आयोग यानी कि एनसीपीसीआर (NCPCR) ने अपनी जांच में पाया कि, एफएसएस FSS एक्ट 2006 के नियमों के अधीन, कोई भी हेल्थ ड्रिंक परिभाषित नहीं है। इस एक्ट के नियमों को मानते हुए सीपीआर (CPR) ने अपने नोटिफिकेशन में कहा कि “एफएसएसएआई और मॉडल एज इंडिया की ओर से सॉफ्टवेयर एफएसएस एक्ट 2006 के नियमों और कानून के तहत कोई हेल्थ ड्रिंक परिभाषित नहीं है”

सरकार एवं मिनिस्ट्री द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन में कहा गया है। कि “एनसीपीसीआर(NCPCR) एक वैधानिक संस्था है जी जिसकी स्थापना बाल अधिकरण संरक्षण आयोग सीसीआर एक्ट 2005 की धारा 3 के तहत हुआ है संस्था ने सीटीसी एक्ट 2005 की धारा 14 के तहत जांच के बाद पाया कि FSSAI और मॉडल इंडिया की ओर से जमा, डॉक्यूमेंट के मुताबिक एफएसएस एक्ट 2006 के नियमों और कानून के तहत किसी भी “हेल्थ ड्रिंक” को परिभाषित नहीं किया गया है”

मिनिस्ट्री द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन में आगे यह कहा गया है कि, “सभी ई-कॉमर्स कंपनियों वेबसाइट को सलाह दी जाती है वह अपनी वेबसाइट प्लेटफार्म से बॉर्नविटा सहित अन्य ड्रिंक बेवरेजेस को हेल्दी ड्रिंक की केटेगरी से हटा दें” , खबरों के मुताबिक इससे पहले एफएसएसएआई (FASSAI) ने इसी महीने के अंत तक, एक और नोटिफिकेशन जारी किया था.जिसमें उन्होंने ई-कॉमर्स वेबसाइटों से डेरी आधारित सामानो को हेल्दी ड्रिंक एनर्जी ड्रिंक की कैटेगरी में नहीं डालने के लिए कहा गया था।

अपने नोटिफिकेशन में यह कहा है कि “कोई भी हेल्थ ड्रिंक एफएसएस एक्ट के तहत एनर्जी ड्रिंक के तौर पर परिभाषित नहीं किया गया है,अथवा यह सिर्फ एक वाटर आधारित ड्रिंक है जो कानून के तहत आते हैं। एफएसएसएआई ने अपने बयान में कहा कि “बड़ी कंपनियां गलत शब्दों का इस्तेमाल करके ग्राहकों को गुमराह कर रहे है”, इसीलिए ई-कॉमर्स वेबसाइट से विज्ञापनों को हटाने सुधारने के लिए कहा गया है रिपोर्ट के माने तो एनसीपीसीआर (NCPCR) की के प्रियंका कानूनगो ने सभी बड़ी ई-कॉमर्स प्लेटफार्म को नोटिफिकेशन जारी कर उनको भेज दिया गया है, और इस नोटिफिकेशन के द्वारा अपील की गई है। कि बॉर्नविटा और वह अन्य जितने भी ड्रिंक है। उन्हें हेल्थ केटेगरी से तुरंत हटा दिया जाए और उन्हें उस कैटेगरी में ना बिकने दिया जाए।

Related Articles

Back to top button