उत्तर प्रदेश

लखनऊ यूनिवर्सिटी के BBA-BCom-MBA छात्रों को मिलेगा Harvard का गुरुमंत्र, 2026-27 से निशुल्क डिजिटल एक्सेस

लखनऊः लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रबंधन पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अब दुनिया के प्रतिष्ठित हार्वर्ड बिजनेस स्कूल की शिक्षण सामग्री और केस स्टडीज तक पहुंच मिलेगी। इसके लिए लखनऊ विश्वविद्यालय और हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के बीच समझौता हुआ है।

विश्वविद्यालय के मुताबिक, देश में पहली बार किसी राज्य विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को हार्वर्ड बिजनेस स्कूल की यह अंतरराष्ट्रीय अध्ययन सुविधा पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक इस तरह की शिक्षण सामग्री और प्रतिष्ठित केस स्टडीज देश के चुनिंदा शीर्ष भारतीय प्रबंधन संस्थानों तक सीमित थीं।

बीबीए, बीकॉम और एमबीए छात्रों को मिलेगा लाभ

आईआईएम की तर्ज पर लखनऊ विश्वविद्यालय के बीबीए, बीकॉम और मुख्य व द्वितीय परिसर में संचालित सभी एमबीए कार्यक्रमों के प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों को शैक्षणिक सत्र 2026-27 से यह सुविधा मिलनी शुरू होगी।

इसके लिए विश्वविद्यालय ने हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के साथ ‘साइट लाइसेंस एग्रीमेंट’ किया है। इस समझौते के तहत अधिकृत विद्यार्थियों और शिक्षकों को हार्वर्ड की चयनित अध्ययन सामग्री का डिजिटल एक्सेस उपलब्ध कराया जाएगा।

विश्वविद्यालय खुद उठाएगा पूरा खर्च

इस सुविधा की खास बात यह है कि विद्यार्थियों पर इसका कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। हार्वर्ड की शिक्षण सामग्री और केस स्टडीज का पूरा वित्तीय भार लखनऊ विश्वविद्यालय स्वयं वहन करेगा।

विश्वविद्यालय का उद्देश्य है कि सामान्य और मध्यमवर्गीय परिवारों से आने वाले मेधावी विद्यार्थियों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की अध्ययन सामग्री उपलब्ध हो सके।

वास्तविक कारोबारी फैसलों को केस स्टडी से समझेंगे छात्र

इस साझेदारी के तहत विद्यार्थियों को हार्वर्ड की प्रमुख केस स्टडीज पढ़ने का अवसर मिलेगा। इनमें दुनिया की अग्रणी कंपनियों से जुड़े वास्तविक कारोबारी निर्णयों और प्रबंधन संबंधी परिस्थितियों का विश्लेषण शामिल होगा।

इससे विद्यार्थियों को किताबों में पढ़े प्रबंधन सिद्धांतों को वास्तविक कारोबारी परिस्थितियों से जोड़कर समझने में मदद मिलेगी।

यूजी और पीजी के इन पाठ्यक्रमों को मिलेगा लाभ

शैक्षणिक सत्र 2026-27 में लखनऊ विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर और द्वितीय परिसर में संचालित संबंधित स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर में इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे।

लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी सैनी के अनुसार, इस साझेदारी के तहत अधिकृत विद्यार्थियों और शिक्षकों को डिजिटल अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की शिक्षण सामग्री और प्रतिष्ठित केस स्टडीज से जोड़ना है।

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