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CJP प्रदर्शन पर BJP का पलटवार: बांसुरी स्वराज बोलीं- ‘ढाई घंटे में मांगें लिखीं, दिपके की गिरफ्तारी भी नहीं हुई’

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन को लेकर बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार शुरू से ही संवेदनशीलता के साथ बातचीत के लिए तैयार थी और प्रदर्शनकारियों की बात सुनना चाहती थी।

बांसुरी स्वराज के मुताबिक, जब CJP का प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मिलने पहुंचा, तब उनके पास अपनी मांगों की कोई लिखित सूची नहीं थी। उन्होंने कहा कि नड्डा ने मांगें लिखित रूप में देने को कहा, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों को ज्ञापन तैयार करने में करीब ढाई घंटे का समय लगा। सांसद ने बताया कि बैठक के दौरान सरकार ने स्पष्ट किया था कि सभी मुद्दों पर बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा और प्रदर्शन समाप्त करने की भी अपील की गई थी।

प्रदर्शनकारियों पर लगाए भ्रामक दावों के आरोप

बांसुरी स्वराज ने दावा किया कि बैठक के दौरान प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन समाप्त करने का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में वे अपने वादे से पीछे हट गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान कई भ्रामक दावे किए गए। सांसद ने कहा कि 12 वर्षीय बच्ची के घायल होने जैसी खबरों को भी बिना तथ्य के प्रचारित किया गया, जबकि ऐसे आरोप वास्तविकता से मेल नहीं खाते। उनके अनुसार, इस तरह की सूचनाओं के जरिए गलत माहौल बनाने की कोशिश की गई।

मोदी सरकार का किया बचाव

बीजेपी सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के युवाओं को राष्ट्र निर्माता मानते हैं और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक मामले को सरकार ने पूरी गंभीरता से लिया और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए तत्काल कदम उठाए।

शिक्षा मंत्रालय की कार्रवाई का किया उल्लेख

बांसुरी स्वराज ने बताया कि NEET परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी और 11 मई को परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जानकारी सामने आने के बाद उसी दिन शिक्षा मंत्रालय ने एफआईआर दर्ज कराई। इसके बाद बिना देरी किए मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई।

उन्होंने कहा कि CBI ने जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया और अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सांसद ने कहा कि सरकार अदालत से भी अनुरोध कर चुकी है कि मामले की सुनवाई तेजी से हो, ताकि दोषियों को जल्द सजा मिले और छात्रों को समय पर न्याय मिल सके।

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