
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच दिल्ली पुलिस ने संसद मार्च के दौरान हुई कथित हिंसा और उपद्रव के मामले में सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने अब तक अलग-अलग थानों में 10 एफआईआर दर्ज की हैं। वहीं, प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर अपना आंदोलन जारी रखे हुए हैं और सरकार पर शिक्षा सुधार तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दबाव बना रहे हैं।
राहुल गांधी ने सरकार के सामने रखीं तीन प्रमुख मांगें
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने पहली मांग के तौर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। दूसरी मांग में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की जिम्मेदारी तय कर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। वहीं तीसरी मांग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूरे मामले पर सार्वजनिक रूप से अपनी चुप्पी तोड़ने की अपील की।
शिक्षा मंत्री का इस्तीफा पूरी तरह उचित मांग’
राहुल गांधी ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पूरी तरह जायज है। उनका आरोप था कि शिक्षा मंत्री के रूप में धर्मेंद्र प्रधान अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन नहीं कर पाए हैं।
‘पेपर लीक से 7.5 करोड़ छात्र और परिवार प्रभावित’
राहुल गांधी ने दावा किया कि पेपर लीक की घटनाओं का असर करीब 7.5 करोड़ छात्रों और उनके परिवारों पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि एक NEET परीक्षा की तैयारी पर परिवारों का कुल खर्च लगभग 1.32 लाख करोड़ रुपये है, जो देश के करीब 1.3 लाख करोड़ रुपये के शिक्षा बजट के बराबर है।
’10 वर्षों में 152 पेपर लीक, दोषियों को सजा नहीं’
राहुल गांधी ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में 152 पेपर लीक की घटनाएं हुईं, लेकिन किसी भी मामले में दोषियों को सजा नहीं मिली। उनके अनुसार, कुछ लोग शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं और इस पर प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है।
‘शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ अत्याचार हुआ’
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन उनके साथ बल प्रयोग किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर छात्रों ने ऐसा क्या किया था कि उनके सामने सुरक्षाबल हथियारों के साथ खड़े थे। राहुल गांधी ने कहा कि छात्र केवल बेहतर और निष्पक्ष शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
राहुल गांधी: शिक्षा मंत्री का इस्तीफा पूरी तरह जायज मांग
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पूरी तरह उचित है। उनके मुताबिक, शिक्षा मंत्री के रूप में धर्मेंद्र प्रधान अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में विफल रहे हैं।
‘पेपर लीक से 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार प्रभावित’
राहुल गांधी ने दावा किया कि पेपर लीक की घटनाओं का असर करीब 7.5 करोड़ छात्रों और उनके परिवारों पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि एक NEET परीक्षा की तैयारी पर परिवार जितना खर्च करते हैं, वह लगभग देश के शिक्षा बजट के बराबर है। राहुल गांधी के अनुसार, परिवार NEET परीक्षा पर करीब 1.32 लाख करोड़ रुपये खर्च करते हैं, जबकि देश का शिक्षा बजट लगभग 1.3 लाख करोड़ रुपये है।
’10 वर्षों में 152 पेपर लीक, किसी दोषी को सजा नहीं’
राहुल गांधी ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक लगातार गंभीर समस्या बन चुका है और कुछ लोग पूरे शिक्षा तंत्र को नुकसान पहुंचा रहे हैं। राहुल गांधी के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में 152 पेपर लीक हुए, लेकिन किसी भी दोषी को सजा नहीं मिली।
‘शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर अत्याचार हुआ’
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ अत्याचार किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया गया। राहुल ने कहा कि छात्र केवल शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे थे और वे चाहते हैं कि देश का एजुकेशन सिस्टम बेहतर बनाया जाए।
राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू, लाठीचार्ज का वीडियो दिखाया
नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने 20 जुलाई को CJP प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई का वीडियो दिखाया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाबलों ने छात्रों के साथ बर्बरता की।
देखें राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस
छात्रों पर पुलिस कार्रवाई से मन आहत: मल्लिकार्जुन खरगे
दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारी छात्रों पर की गई कार्रवाई को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को छात्रों के खिलाफ हुई लाठीचार्ज की घटना से उनका मन बेहद व्यथित है। खरगे ने आरोप लगाया कि 15-16 वर्ष के छात्र-छात्राओं पर बल प्रयोग किया गया, उनके साथ बदसलूकी हुई, कपड़े फाड़े गए और उनके खिलाफ पैलेट गन जैसे हथियारों का इस्तेमाल किया गया।
पटना में बीजेपी-कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, कई घायल
प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस के धरने के विरोध में बुधवार को पटना में बीजेपी ने मार्च निकाला। यह मार्च कुर्जी अस्पताल से कांग्रेस कार्यालय तक प्रस्तावित था। इसी दौरान दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए और मारपीट की स्थिति बन गई। झड़प में दोनों पक्षों के कई कार्यकर्ता घायल हुए, कुछ के सिर फट गए। हंगामे के दौरान कई वाहनों के शीशे भी क्षतिग्रस्त हो गए।
चंडीगढ़ में NEET मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने
NEET पेपर लीक मुद्दे को लेकर चंडीगढ़ में बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नारेबाजी देखने को मिली। पंजाब बीजेपी ने कांग्रेस मुख्यालय के घेराव का कार्यक्रम घोषित किया था, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें पहले ही रोक दिया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। दोनों पक्ष आमने-सामने रहे, हालांकि पुलिस की बैरिकेडिंग के कारण किसी बड़े टकराव की स्थिति नहीं बनी।
दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस से चार सप्ताह में मांगा जवाब
प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह भी कहा कि पुलिस के जवाब के बाद याचिकाकर्ता अगले चार सप्ताह में अपना प्रत्युत्तर दाखिल करेंगे। मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी। हाईकोर्ट ने पुलिस को बॉडी कैमरा और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का भी आदेश दिया है।
लाठीचार्ज और सोनम वांगचुक प्रकरण पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई
20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और 18 जुलाई को जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को हटाए जाने से संबंधित जनहित याचिकाओं पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एन. हरिहरन ने अदालत के समक्ष घटनाक्रम और पुलिस कार्रवाई से जुड़े पक्ष रखे।
अभिजीत दीपके ने सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील की
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोनम वांगचुक से अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने का अनुरोध किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा, “देश को आपकी जरूरत है और आपकी जान बेहद कीमती है। इसे अब और जोखिम में नहीं डाला जाना चाहिए। जंतर-मंतर पर हमारा शांतिपूर्ण आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।”
मराठा आंदोलन के नेता मनोज जारांगे ने जंतर-मंतर पहुंचकर दिया समर्थन
मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रमुख नेता मनोज जारांगे पाटिल बुधवार को जंतर-मंतर पहुंचे और कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जताया। इस पर अभिजीत दीपके ने X पर पोस्ट करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के बाद छात्रों के समर्थन में जंतर-मंतर पहुंचने के लिए मनोज जारांगे पाटिल का धन्यवाद। दीपके के अनुसार, जारांगे ने आंदोलन के साथ-साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग का भी समर्थन किया है।
‘कांग्रेस ने सदन की गरिमा को नुकसान पहुंचाया’: जेपी नड्डा
केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा ने उच्च सदन में कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के बीच उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सदन की मर्यादा और गरिमा को तार-तार कर दिया है।
पुलिस एक्शन को चुनौती देने वाली याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई
दिल्ली हाई कोर्ट आज एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करेगा, जिसमें कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल के दौरान छात्रों व अन्य प्रदर्शनकारियों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई को चुनौती दी गई है। इस याचिका में 18 जुलाई के पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र जांच कराने, संबंधित साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और नागरिकों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार की सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है।
“नकाब लगाकर छात्रों पर डंडा चलाने वालों अपने बच्चों के बारे में तो सोचो”
अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि यदि किसी देश का नेतृत्व कोई अज्ञानी व्यक्ति करता है, तो वह यही चाहेगा कि पूरा देश उसकी तरह अज्ञानी, अविवेकशील, अयोग्य और निष्ठुर बन जाए।
संसद मार्च मामले में 10 एफआईआर दर्ज
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, संसद मार्च के दौरान हुई घटनाओं के संबंध में कुल 10 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें चार मामले पार्लियामेंट स्ट्रीट थाना, तीन कनॉट प्लेस थाना, जबकि मंदिर मार्ग, बाराखंभा रोड और कर्तव्य पथ थानों में एक-एक मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कथित उपद्रव, सुरक्षा बलों पर हमले और कानून व्यवस्था प्रभावित होने की घटनाओं की जांच जारी है।
CJP का दावा- आंदोलन और तेज होगा
CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है। उनका दावा है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाती, तो आने वाले दिनों में और अधिक लोग दिल्ली पहुंचेंगे।
रांका ने आरोप लगाया कि 20 तारीख का मार्च शांतिपूर्ण था और तनाव तब बढ़ा जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि आंदोलन गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर के सिद्धांतों के अनुरूप शांतिपूर्ण ढंग से चलाया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों के लिए मुंबई से भेजा गया भोजन
जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के बीच एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक फूड डिलीवरी पार्टनर प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन लेकर पहुंचता दिखाई दिया।
डिलीवरी पार्टनर के अनुसार, मुंबई निवासी अनुज रावत ने ऑनलाइन भोजन ऑर्डर कर पहले ही भुगतान कर दिया था और निर्देश दिया था कि प्रदर्शन स्थल पर मौजूद जरूरतमंद लोगों में भोजन वितरित किया जाए। इस घटना को सोशल मीडिया पर कई लोगों ने मानवता और सहयोग का उदाहरण बताया।
विजेता दहिया को प्रवक्ता पद से हटाया गया
CJP ने अपने प्रवक्ता विजेता दहिया को सभी आधिकारिक जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया है। पार्टी के अनुसार, आंदोलन के दौरान उनका एक वीडियो वायरल हुआ, जिसे संगठन ने अपने सिद्धांतों के विपरीत और असंवेदनशील आचरण बताया।
पार्टी ने सोशल मीडिया पोस्ट जारी कर कहा कि प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के दौरान इस तरह का व्यवहार संगठन की विचारधारा और मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
घायलों का अस्पतालों में इलाज जारी
डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल के एक सूत्र के अनुसार, उपचार के लिए करीब 110 छात्र और 40 पुलिसकर्मी अस्पताल लाए गए। हालांकि इसे आधिकारिक आंकड़ा नहीं बताया गया है।
डॉक्टरों के मुताबिक, घायलों में सिर, हाथ, पैर, आंख और कमर में चोट के मामले सामने आए हैं। कुछ लोगों को फ्रैक्चर होने के कारण विशेष उपचार देना पड़ा।
जेएनयू छात्र संघ का आक्रोश मार्च
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) छात्र संघ ने मंगलवार रात बराक हॉस्टल से गंगा ढाबा तक विरोध मार्च निकाला। छात्र संघ ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के इस्तेमाल और कथित बल प्रयोग का विरोध किया।
मार्च के दौरान छात्रों ने दिल्ली पुलिस आयुक्त और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई तथा केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
RAFP कर्मियों पर हमले के मामले भी दर्ज
दिल्ली पुलिस ने संसद मार्च के दौरान आरएएफ (RAF) जवानों का पीछा करने और उन पर कथित हमले से जुड़े वायरल वीडियो के आधार पर भी मामले दर्ज किए हैं। पुलिस का कहना है कि वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।




