
लखनऊ। उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन (UP SCR) के अंतर्गत आने वाले लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, सीतापुर, बाराबंकी और हरदोई के दीर्घकालिक विकास के लिए वर्ष 2051 को आधार बनाकर जीआईएस आधारित रीजनल प्लान तैयार किया गया है। इस योजना के अनुसार भविष्य की आबादी को ध्यान में रखते हुए आवास और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
कंसल्टेंट एईकॉम इंडिया और एजीस इंडिया कन्सल्टिंग इंजीनियर्स के कंसोर्टियम द्वारा तैयार इस प्लान में अनुमान लगाया गया है कि वर्ष 2051 तक 34.51 लाख नए आवासों की आवश्यकता होगी। इसी लक्ष्य के अनुरूप लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए), आवास विकास परिषद, डूडा और अन्य संबंधित विभाग चरणबद्ध तरीके से आवासीय परियोजनाओं पर काम करेंगे।
2025 की आबादी के आधार पर तैयार हुआ आकलन
रिपोर्ट में वर्ष 2025 की अनुमानित 2.97 करोड़ आबादी को आधार बनाकर वर्तमान आवासीय स्थिति का विश्लेषण किया गया है। इसके अनुसार अब तक 54.12 लाख आवास उपलब्ध हैं, जबकि वर्तमान समय में 13.15 लाख अतिरिक्त आवासों की आवश्यकता बताई गई है।
योजना के अनुसार वर्ष 2051 तक स्टेट कैपिटल रीजन की आबादी बढ़कर 4.9 करोड़ तक पहुंच सकती है। इसी अनुमान के आधार पर प्रति पांच व्यक्तियों पर एक आवास की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए कुल 34.51 लाख नए आवासों की मांग का आकलन किया गया है।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में होगी अलग-अलग आवासीय जरूरत
रीजनल प्लान के अनुसार कुल प्रस्तावित आवासों में शहरी क्षेत्रों में 15.87 लाख आवास और ग्रामीण क्षेत्रों में 18.63 लाख आवास की आवश्यकता होगी।
इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभाग आगामी वर्षों में चरणबद्ध तरीके से आवास निर्माण की योजनाएं तैयार करेंगे।
आय वर्ग के अनुसार आवासों का प्रस्ताव
योजना में विभिन्न आय वर्गों के लिए आवासों का वितरण भी प्रस्तावित किया गया है—
– एचआईजी (HIG): 30% — 4.70 लाख हाउसहोल्ड
– एलआईजी (LIG): 35% — 5.55 लाख हाउसहोल्ड
– एमआईजी (MIG): 25% — 3.96 लाख हाउसहोल्ड
– ईडब्ल्यूएस (EWS): 10% — 1.58 लाख हाउसहोल्ड
कुल भूमि आवश्यकता का भी किया गया आकलन
रिपोर्ट के अनुसार प्रस्तावित आवासीय मांग को पूरा करने के लिए 134.23 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल की आवश्यकता होगी।
इसके अलावा शहरी क्षेत्र की मांग 46%, कुल शहरी हाउसहोल्ड 46.96 लाख और ग्रामीण क्षेत्र की मांग 54%, कुल ग्रामीण हाउसहोल्ड: 50.89 लाख का भी उल्लेख योजना में किया गया है।




