
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खेलोन्मुखी नीतियों के चलते उत्तर प्रदेश ने पिछले नौ वर्षों में खेलों के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है। कभी खेल सुविधाओं के अभाव से जूझने वाला प्रदेश आज अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, स्पोर्ट्स कॉलेज, खेल विश्वविद्यालय और आधुनिक खेल ढांचे के जरिए देश की खेल शक्ति के रूप में उभर रहा है। सरकार का उद्देश्य खेलों को युवाओं के लिए सम्मानजनक करियर विकल्प बनाना है।
खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी और पदोन्नति
योगी सरकार ने खिलाड़ियों के लिए सरकारी सेवाओं में दो प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था लागू की है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सीधी भर्ती और पदोन्नति का लाभ दिया जा रहा है।
अब तक 534 से अधिक खिलाड़ियों को सीधी भर्ती के जरिए नियुक्ति किया जा चुका है, 500 खिलाड़ियों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। वर्ष 2021 से अब तक 334 खिलाड़ियों को निरीक्षक, उपनिरीक्षक और मुख्य आरक्षी पदों पर पदोन्नति दी जा चुकी है।
प्रदेश में बढ़े स्पोर्ट्स कॉलेज
खेल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सहारनपुर और फतेहपुर में दो नए स्पोर्ट्स कॉलेज शुरू किए गए हैं। शैक्षिक सत्र 2026-27 से इनके संचालन के साथ प्रदेश में स्पोर्ट्स कॉलेजों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। बलिया में एक और स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण कार्य जारी है।
इसी सत्र में खुलेगा पहला खेल विश्वविद्यालय
मेरठ के सरधना में निर्माणाधीन मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय इसी शैक्षिक सत्र में शुरू होगा। यह उत्तर प्रदेश का पहला खेल विश्वविद्यालय होगा, जहां खेल शिक्षा और प्रशिक्षण की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
पदक विजेताओं के लिए करोड़ों के पुरस्कार
योगी सरकार की ओर से ओलंपिक के स्वर्ण विजेता को 6 करोड़ रुपये, रजत पदक 4 करोड़ व कांस्य पर 2 करोड़ रुपये के पुरस्कार प्रदान किये गए हैं। इसी प्रकार एशियाई खेल, काॅमनवेल्थ गेम्स समेत अन्य विश्वस्तरीय प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी कराेड़ों रुपयों की धनराशि पुरस्कारस्वरूप दी गई है।
| ओलंपिक (एकल स्पर्धा) | ओलंपिक (टीम स्पर्धा) एशियाई खेल | कॉमनवेल्थ गेम्स |
विश्वकप |
| स्वर्ण पदक: 6 करोड़ रुपये | स्वर्ण पदक:3 करोड़ रुपये | स्वर्ण पदक: 3 करोड़ रुपये |
स्वर्ण पदक:1.5 करोड़ रुपये |
| रजत पदक: 4 करोड़ रुपये | रजत पदक:2 करोड़ रुपये | रजत पदक: 1.5 करोड़ रुपये |
रजत पदक:75 लाख रुपये |
| कांस्य पदक: 2 करोड़ रुपये | कांस्य पदक:1 करोड़ रुपये | कांस्य पदक: 75 लाख रुपये |
कांस्य पदक: 50 लाख रुपये |




