
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग मंगलवार (7 जनवरी 2026) को विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत कच्ची मतदाता सूची जारी करेगा। इस ड्राफ्ट लिस्ट में कुल 12.55 करोड़ मतदाता शामिल होंगे। सूची को शुद्ध बनाने के लिए बड़े स्तर पर सफाई अभियान चलाया गया, जिसमें 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। ये नाम स्थानांतरित, मृत, डुप्लीकेट और अनुपस्थित श्रेणी के हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने सोमवार को सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया और शुद्ध सूची प्रकाशित करने के सख्त निर्देश दिए। सभी जिलों में ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
नाम हटाने का ब्रेकअप
– स्थायी रूप से स्थानांतरित: 1.26 करोड़
– मृत मतदाता: 46 लाख
– डुप्लीकेट नाम: 23.70 लाख
– अनुपस्थित मतदाता: 83.73 लाख
– अन्य श्रेणी: 9.57 लाख
आगे की समय-सारिणी
– 7 जनवरी से 6 फरवरी 2026: दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि
– 27 फरवरी तक: सभी दावों-आपत्तियों का निपटारा
– 6 मार्च 2026: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन
खास बात यह है कि प्रदेश में 91% मतदाताओं का मिलान 2003 की पुरानी मतदाता सूची से हो चुका है। ऐसे मतदाताओं से अंतिम सूची में शामिल होने के लिए कोई अतिरिक्त दस्तावेज नहीं मांगा जाएगा।
चुनाव आयोग ने अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 के आधार पर यह एसआईआर कराया है। पहले 27 अक्टूबर को घोषणा हुई थी, फिर कार्यक्रम में दो बार संशोधन के बाद तीसरी बार समय बढ़ाया गया। इस कवायद से मतदाता सूची पूरी तरह साफ-सुथरी और विश्वसनीय बनेगी, जिससे आगामी चुनावों में पारदर्शिता बढ़ेगी। अगर आपका नाम गलती से हटा है तो जल्दी दावा करें।




