
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस में बड़े स्तर पर पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी करते हुए 1592 आरक्षी नागरिक पुलिस को मुख्य आरक्षी (हेड कॉन्स्टेबल) पद पर पदोन्नत किया गया है। यह पदोन्नति चयन वर्ष 2025-26 में उत्पन्न रिक्तियों के सापेक्ष ज्येष्ठता के आधार पर की गई है। इस बावत पुलिस मुख्यालय की तरफ से सोमवार को आदेश जारी कर दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक स्थापना अमृता मिश्रा के स्तर से जारी आदेश के मुताबिक यह निर्णय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा 14 मार्च को जारी चयन परिणाम के आधार पर लिया गया है, जिसे पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा अनुमोदित किया गया है। कुल 2271 योग्य पाए गए कर्मियों में से फरवरी 2026 की रिक्तियों के अनुसार 1592 आरक्षियों को पदोन्नति दी गई है।
आदेश के अनुसार, पदोन्नत मुख्य आरक्षी अपने वर्तमान तैनाती स्थल पर ही कार्यभार ग्रहण करेंगे और कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 2 वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर रहेंगे। यह अवधि आवश्यकतानुसार बढ़ाई भी जा सकती है। साथ ही, सभी पदोन्नत कर्मियों के लिए मुख्य आरक्षी पद से संबंधित आधारभूत प्रशिक्षण उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा।
आदेश के मुताबिक पदोन्नति से पहले संबंधित कर्मियों से स्वघोषणा पत्र लिया जाएगा, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उनके विरुद्ध कोई निलंबन, अनुशासनात्मक कार्रवाई या आपराधिक मामला लंबित न हो। यदि किसी कर्मचारी द्वारा गलत जानकारी दी जाती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए पदावनति तक की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।




