उत्तर प्रदेश

वाहन की फिटनेस जांचने को राजधानी समेत चार जिलों में दूसरा एटीएस

लखनऊ। वाहनों का फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने के लिए राजधानी समेत प्रदेश में चार नए स्वचालित परीक्षण स्टेशन (एटीएस) स्थापित हुए हैं, जिसके बाद प्रदेश में कुल एटीएस की संख्या 14 हो गई है। नए एटीएस उन्हीं जिलों में दिए गए हैं, जहां वाहनों की संख्या अधिक है और प्रमाण पत्र जारी होने में देर हो रही है। इस संबन्ध में परिवहन आयुक्त द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है।

परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने शनिवार को बताया कि राजधानी में एकेआरएस एटीएस प्राइवेट लि., आगरा में शार्प-एन-इंडिया विद ट्रिपलिया टेक इंटीग्रेटर, कानपुर में मेसर्स एयर सेल्स कार्पोरेशन और मिर्जापुर में मेसर्स ममता हाइजीन प्रोडक्ट्स प्राइवेट लि. को एटीएस की स्वीकृति दी गयी है। अब इन जिलों में वाहनों का फिटनेस परीक्षण के लिए दो एटीएस उपलब्ध हो चुके हैं। इसके अलावा प्रदेश में फिरोजाबाद, बिजनौर, झांसी, मुरादाबाद, कानपुर देहात, वाराणसी, बरेली, मुरादाबाद (द्वितीय), फतेहपुर और रामपुर में एटीएस कार्यरत हैं।

ब्रजेश नारायण सिंह ने बताया कि किसी भी जिले में अधिकतम तीन एटीएस स्थापित किए जा सकते हैं। यह पहले आओ, पहले पाओ के सिद्धांत पर पात्र आवेदनों को प्राथमिकता दी जाती है। इसके लिए वाहन जांच के लिए प्रत्येक लेन के लिए निर्धारित भूमि, बतौर आवेदन शुल्क 50 हजार रुपये ऑनलाइन जमा करना होता है, पांच लाख रुपये की बैंक गारंटी देनी होती है। आवेदन पोर्टल के माध्यम से किया जाता है।

परिवहन आयुक्त ने बताया कि एटीएस के माध्यम से वाहन-फिटनेस परीक्षण पूरी तरह स्वचालित, कैमरा-सक्षम, एल्गोरिदम-आधारित और डेटा-लॉग्ड होता है। इससे वाहन परीक्षण में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ती है। रोड सेफ्टी और प्रदूषण नियंत्रण लक्ष्य की प्राप्ति होती है। डिजिटल रिपोर्टिंग, टाइम-स्लॉटिंग, ऑनलाइन भुगतान-रसीद मिलती है। हमारा लक्ष्य है कि हर फिट वाहन सुरक्षित सड़कों का आधार बनें।

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