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आवासीय विद्यालय बनेंगे कौशल और समझ की प्रयोगशाला, ‘लर्निंग बाय डूइंग’ की शुरुआत

प्रदेश की कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में पढ़ने वाली बालिकाओं की विज्ञान और गणित की शिक्षा अब पूरी तरह बदलने जा रही है। शुरू किए गए ‘लर्निंग बाय डूइंग’ कार्यक्रम के तहत अब पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रयोग, गतिविधियों और प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से होगी। इसका उद्देश्य बालिकाओं में तर्कशक्ति, समस्या समाधान क्षमता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और आत्मविश्वास को मजबूत करना है।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने सोमवार को बताया कि कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदेश के सभी केजीबीवी के विज्ञान एवं गणित शिक्षकों का विशेष प्रशिक्षण राज्य ग्रामीण विकास संस्थान में चल रहा है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने प्रत्येक कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय को 43,250 रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। इस राशि से विद्यालयों में विज्ञान एवं गणित के प्रयोगों के लिए आवश्यक टूल्स, प्रयोग सामग्री और कंज्यूमेबल्स की खरीद की जाएगी।

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