उत्तर प्रदेश

बीकेटी फ़ायर स्टेशन के अधिकारी कर रहे लाखों की वसूली

  • उद्योग लगाने वालों से होगी ऐसे वसूली तो कैसे लगेंगे उद्योग

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश में इन्वेस्टमेंट के लिए सरकार के ख़ज़ाने से खर्च करके इन्वेस्टर समिट का आयोजन कराया गया इस आयोजन में बहुत से इन्वेस्टर से सरकार का एम ओ यू हुआ। एम ओ यू होने के बाद जी बी सी का आयोजन भी सरकार द्वारा कराया गया और सभी विभागों को निर्देश दिया गया कि प्रदेश में रोज़गार को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रकार के उद्योग लगवाने में सहयोग करे। परन्तु सरकार की इस मंशा को विभाग के अधिकारी अनदेखा करके मन मानी वसूली कर रहे है।

अभी ताज़ा प्रकरण प्रकाश में आया कि राजधानी में एक कम्पनी द्वारा सरकार से हास्पिटल बनाने का एम ओ यू किया है जिसका नाम जी बी सी में भी है इस कम्पनी द्वारा हास्पिटल बनाकर तैयार किया गया हास्पिटल तैयार होने पर मरीज़ों के इलाज हेतु सरकारी योजना का लाभ दिलाने के लिए फ़ायर की एन ओ सी की आवश्यकता थी हास्पिटल निर्माण के समय से ही बी के टी फ़ायर स्टेशन के अधिकारी प्राशान्त कुमार चक्कर हास्पिटल पर लगाते रहे और हास्पिटल में सम्पूर्ण अग्निशमन यन्त्र लगवाने का ठेका अपने विभाग के एक कर्मचारी को दिलाया उनके बताये हुए सम्पूर्ण यन्त्र हास्पिटल में लगाये गये जब एन ओ सी की आवश्यकता हुई तो वह यह कहने लगे कि शुक्ला अब मेरे विभाग में नहीं है वह नागरिक सुरक्षा में कार्यरत है एन ओ सी तो हम ही दिलायेंगे जिसके लिए रूपया आठ लाख लगेगा क्यो कि हम तीन लोग है।

उनकी इस बात से हास्पिटल निर्माण करता रूपया आठ लाख देने को नही तैयार हुआ तो उसको परेशान करते हैं अन्त में थक हार कर निर्माण करता बी के टी फ़ायर स्टेशन पर 10 अगस्त को शाम 4.बजकर 32 मिनट पर जाकर वार्ता की जिसमें रूपया 6 लाख देने को तैयार हुआ परन्तु फ़ायर अधिकारी प्रशान्त कुमार 7 लाख पर आये लेकिन फिर भी तय नहीं हो पाया फिर उन्हो ने कहाँ 6 लाख 50 हज़ार देना पड़ेगा हास्पिटल निर्माण कर्ता मजबूर हो कर रूपया देने को तैयार हुआ क्यो कि फ़ायर अधिकारी ने कहाँ कि मैं लिए बग़ैर नहीं करूँगा।

इस तय हुई बात के अनुसार 14 अगस्त साय 4 बजकर 36 मिनट पर काग़ज़ के बैग में रूपया 6लाख 50 हज़ार लेकर फ़ायर स्टेशन पहुँचा तो फ़ायर के अधिकारी एएफएसओ ने कहा कि पूरा लाये हो तो बताया कि हाँ साढ़े छः लाख है तो उन्हें अपने एक कर्मचारी ध्रुव पटेल से कहाँ कि चले जाओ और यही ले आओ फिर गाड़ी से हास्पिटल निर्माण कर्ता नोटों का बैग लेकर कार्यालय में गया जिसे मेज़ के नीचे रखा लिए रूपया पाने के बाद ध्रुव पटेल ने डीटेल नोट किया और फ़ायर का मानचित्र प्रशान्त कुमार ने पुनीत नाम के व्यक्ति को भेज कर बनवाया फिर ध्रुव पटेल नाम के कर्मचारी के माध्यम से आवेदन कराया जिसके उपरानत् हास्पिटल में निरीक्षण करके रिपोर्ट लगाई गई और हास्पिटल निर्माण करता को एनओसी मिल गई।

इस प्रकार से बीकेटी फ़ायर स्टेशन में कार्यरत ए एफ एस ओ के पद पर कार्यरत प्रशान्त कुमार के द्वारा वसूली की गई है फ़ायर स्टेशन में नोट का बैग ले जाते और समस्त लेन देन की रिकार्डिंग उपलब्ध है । सोचने का विषय यह है कि यह हाल सरकार के नाक के नीचे राजधानी में चल रहा है तो प्रदेश के अन्य स्थानों पर क्या हो रहा होगा अधिकारी ऐसे वसूली करते रहेंगे तो सरकार कैसे किसी से उद्योग लगवा कर लाखों युवाओं को रोज़गार दिला पायेगी।

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2 Comments

  1. Normally I do not read article on blogs however I would like to say that this writeup very forced me to try and do so Your writing style has been amazed me Thanks quite great post

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