
लखनऊ/आगरा : उत्तर प्रदेश में ‘पंडित’ शब्द को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पुलिस उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा के बाद अब बेसिक शिक्षा विभाग की कक्षा सात की संस्कृत परीक्षा में पूछे गए एक प्रश्न में ‘पंडित’ शब्द को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है।
इस प्रश्न को शिक्षकों ने जातिसूचक और आपत्तिजनक बताते हुए विरोध जताया है। एक दिन पूर्व मंगलवार को आगरा के परिषदीय स्कूलों में आयोजित संस्कृत परीक्षा के प्रश्न पत्र में एक प्रहेलिका (पहेली) पूछी गई थी “वह कौन है जो बिना पैर के दूर तक जाता है और साक्षर है लेकिन पंडित नहीं है?” इसके विकल्प थे: बादल, पक्षी, वायु और पत्र।
इस प्रश्न में ‘पंडित’ शब्द के प्रयोग को लेकर ब्राह्मण समाज और शिक्षक संगठनों के बीच नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि ‘पंडित’ एक सम्मानजनक शब्द है और इसका प्रयोग अत्यंत सावधानी से किया जाना चाहिए। वहीं बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक संघ का कहना है कि यह प्रश्न पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं है।
जिस ‘प्रहेलिका’ का उल्लेख किया गया है, वह सातवें पाठ में शामिल ही नहीं है। ऐसे में पेपर सेटिंग की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं कि यह गलती लापरवाही है या जानबूझकर किया गया कृत्य। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र कुमार गोंड ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि प्रश्न पत्र की जांच शुरू कर दी गई है और विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।




