
लखनऊ। इंजीनियरिंग और चिकित्सा विज्ञान के बीच समन्वय स्थापित कर स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय तथा बी.आर.डी. मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर के बीच सोमवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन संपन्न हुआ है।
इस सहयोग के तहत एकेटीयू की तकनीकी शोध क्षमता और बीआरडी की नैदानिक विशेषज्ञता को जोड़कर पब्लिक हेल्थ सिस्टम को नई तकनीक के माध्यम से अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। एमओयू पर एकेटीयू के कुलपति प्रो. (डॉ.) जे.पी. पांडेय, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) राम कुमार जायसवाल तथा एमआरयू/सीटीयू/एआई-हेल्थ एंड इनोवेशन सेल के नोडल अधिकारी प्रो. (डॉ.) राज किशोर सिंह ने हस्ताक्षर किए।
इस समझौते के तहत अगले एक से तीन महीनों में कई उच्च प्राथमिकता वाली परियोजनाओं को लागू करने का रोडमैप तैयार किया गया है। प्रमुख योजनाओं में बायो-प्रिंटिंग और स्टेम सेल आधारित नवाचार, गंभीर रोगों के उपचार में उपयोगी स्टेम सेल उत्पादों के विकास व उपयोग की दिशा में काम, मानसिक स्वास्थ्य के लिये एआई आधारित मूल्यांकन टूल, जिससे छात्रों की सीखने की क्षमता बढ़े और आत्महत्या रोकथाम में सहायता मिले, मेडिकल डिवाइस इंजीनियरिंग, जहां नए उपकरण विकसित कर आईएसओ 14155:2020 मानकों के अनुरूप क्लीनिकल ट्रायल को आगे बढ़ाया जाएगा।
इसके साथ फार्माकोथेराप्यूटिक्स में पांच शोधार्थियों के लिए पीएचडी कार्यक्रम तथा शोध नवाचारों को सुरक्षित करने के लिए आईपीआर-पेटेंट सहयोग भी शामिल है। कुलपति प्रो. पांडेय ने कहा कि यह सहयोग जीवन रक्षक तकनीकों के विकास की दिशा में एक मिशन है। प्रधानाचार्य प्रो. जायसवाल ने इसे आधुनिक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि एमओयू के अंतर्गत संयुक्त हैकाथॉन, फैकल्टी डेवलपमेंट, छात्र विनिमय और सहयोगात्मक इंटर्नशिप के जरिए हेल्थ-टेक में सक्षम मानव संसाधन तैयार किया जाएगा। इस अवसर पर एकेटीयू के वित्त अधिकारी केशव सिंह, डीन प्रो. भावेश कुमार चौहान, सह-डीन डॉ. अनुज कुमार शर्मा सहित दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




