
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने नए साल की शुरुआत में ही नौकरशाही में बड़ा उलटफेर किया है। गुरुवार को 21 वरिष्ठ IAS अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गईं, जिसमें कई को पदोन्नति के साथ नई तैनाती दी गई। सचिव से प्रमुख सचिव बने अधिकारियों के अलावा विशेष सचिव से सचिव स्तर पर प्रमोट हुए अफसरों को भी महत्वपूर्ण विभाग सौंपे गए हैं। यह बदलाव शिक्षा, राजस्व, वित्त, चिकित्सा और सिंचाई जैसे क्षेत्रों को प्रभावित करेंगे।
प्रमुख बदलाव इस प्रकार हैं:
– अपर्णा यू को चिकित्सा शिक्षा विभाग की सचिव एवं महानिदेशक से पदोन्नत कर प्रमुख सचिव राजस्व बनाया गया।
– एसवीएस रंगाराव को सदस्य न्यायिक राजस्व परिषद एवं निदेशक भूमि अध्याप्ति से प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश पुनर्गठन समन्वय, राष्ट्रीय एकीकरण तथा सामान्य प्रशासन नियुक्त किया गया।
– मोनिका रानी को प्रभारी महानिदेशक स्कूल शिक्षा से पूर्ण महानिदेशक स्कूल शिक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई।
– नेहा शर्मा प्रभारी महानिरीक्षक निबंधन से महानिरीक्षक निबंधन बनीं।
– योगेश कुमार प्रभारी आयुक्त एवं निबंधक सहकारी समितियां से आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता नियुक्त हुए।
– अखंड प्रताप सिंह विशेष सचिव निर्वाचन से सचिव निर्वाचन बनाए गए।
अन्य महत्वपूर्ण तैनातियां:
– डॉ. सारिका मोहन को वित्त सचिव से सचिव चिकित्सा शिक्षा एवं महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा बनाया गया।
– नवीन कुमार जीएस को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग से सदस्य न्यायिक राजस्व परिषद एवं निदेशक भूमि अध्याप्ति की जिम्मेदारी दी गई।
– भवानी सिंह खंगारोत विशेष सचिव राजस्व परिषद से सचिव वित्त बने।
– रविंद्र कुमार प्रथम विशेष सचिव कृषि से सचिव नगर विकास तथा राज्य मिशन निदेशक अमृत और प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) नियुक्त।
– दिव्य प्रकाश गिरी विशेष सचिव नमामि गंगे से सचिव लोक निर्माण विभाग बने।
– कृष्ण कुमार विशेष सचिव सिंचाई से सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन, मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना आदि की जिम्मेदारी सौंपी गई।
– सुधा वर्मा विशेष सचिव महिला कल्याण से सचिव राजस्व बनीं।
– रेनू तिवारी सचिव अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग से विशेष सचिव महिला कल्याण एवं सचिव राज्य महिला आयोग नियुक्त।
ये बदलाव प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और विभागों में नई ऊर्जा लाने के मकसद से किए गए हैं।






