उत्तर प्रदेश

AI से Green Hydrogen तक… Japan और UP का ऐसा Collab, बदल सकता है स्टूडेंट्स का फ्यूचर

भारत और जापान के बीच शिक्षा, तकनीक, रिसर्च और रोजगार के क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देने की पहल हुई है। गलगोटियास यूनिवर्सिटी में गुरुवार को जापान के यामानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर कोटारो नागासाकी के नेतृत्व में पहुंचे करीब 200 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों के ग्लोबल करियर अवसर बढ़ाने और ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान को आगे बढ़ाने के लिए दो अहम समझौते किए गए।

टैलेंट मोबिलिटी से क्लीन एनर्जी तक साझेदारी

यामानाशी प्रीफेक्चर सरकार के साथ एमओयू और यामानाशी यूनिवर्सिटी के साथ लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) पर सहमति बनी। इन समझौतों के जरिए टैलेंट मोबिलिटी, छात्र एक्सचेंज, फैकल्टी सहयोग और क्लीन एनर्जी रिसर्च जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक साझेदारी को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।

इस पहल से भारतीय छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए जापान में शैक्षणिक और वैश्विक करियर के नए अवसर खुलने की उम्मीद है। वहीं जापानी संस्थानों को भी भारत की प्रतिभा और रिसर्च इकोसिस्टम से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

ग्रीन हाइड्रोजन पर संयुक्त रिसर्च को बढ़ावा

कार्यक्रम में ग्रीन हाइड्रोजन और क्लीन एनर्जी को लेकर विशेष चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने लो-कार्बन मोबिलिटी, तकनीकी विकास और छात्र-रिसर्चर एक्सचेंज के साथ स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।

जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (JETRO) की ओर से इंडस्ट्री और टैलेंट पार्टनरशिप से जुड़े अवसरों पर प्रस्तुति भी दी गई।

गवर्नर बोले- 30 साल पहले होता तो गलगोटियास में दाखिला लेता

कैंपस में छात्रों और प्रतिनिधियों के साथ संवाद के दौरान यामानाशी के गवर्नर कोटारो नागासाकी ने कहा, “यदि यह 30 वर्ष पहले होता, तो मैं गलगोटियास यूनिवर्सिटी में अवश्य प्रवेश लेता।”

उनकी इस टिप्पणी ने छात्रों के बीच खासा उत्साह पैदा किया। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय में चल रहे विभिन्न शैक्षणिक और तकनीकी कार्यक्रमों की जानकारी भी ली।

AI, ड्रोन और सेमीकंडक्टर लैब का किया दौरा

जापानी प्रतिनिधिमंडल ने गलगोटियास यूनिवर्सिटी के डिजिटल नर्सिंग स्किल्स एंड सिमुलेशन सेंटर का दौरा किया। यहां हेल्थकेयर एजुकेशन और वर्कफोर्स डेवलपमेंट में संभावित सहयोग पर जानकारी ली गई।

इसके अलावा प्रतिनिधियों ने iOS डेवलपमेंट सेंटर, L&T सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर से जुड़ी उन्नत लैब्स का भी अवलोकन किया।

प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के इंडस्ट्री-इंटीग्रेटेड शिक्षा और रिसर्च मॉडल को समझा तथा छात्रों से उनके करियर और कैंपस अनुभवों को लेकर बातचीत की।

दो समझौते, सहयोग के कई रास्ते

इस साझेदारी के तहत प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:

यह पहल भारत-जापान के बीच शिक्षा, कौशल, अनुसंधान और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में संस्थागत सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखी जा रही है।

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