सपा-कांग्रेस के शासन काल में हिंदुओं को चुन-चुन कर बनाया गया निशाना, संभल रिपोर्ट पर बोले सीएम योगी

प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को संभल में हुई हालिया हिंसा पर टिप्पणी करते हुए कहा कि न्यायिक आयोग की एक दिन पहले सौंपी गई रिपोर्ट दंगों की साजिश की पुष्टि करती है। प्रतापगढ़ में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद यहां आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने रिपोर्ट के निष्कर्षों का जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने कहा, “न्यायिक आयोग ने कल संभल घटना पर अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें 2024 में दंगों की साजिश के कुछ हिस्सों का खुलासा किया गया है।” योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के समय में हिंदुओं को चुन-चुन कर निशाना बनाया गया और उनकी जनसांख्यिकी को कम किया गया।
उन्होंने कहा कि लेकिन आज, डबल इंजन वाली सरकार है जो जनसांख्यिकी को बदलने नहीं देगी। बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंपी गई रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश पुलिस को “नरसंहार” रोकने का श्रेय दिया गया है और इसमें यह भी उल्लेख किया गया है कि जिले में “बाहर से दंगाइयों को लाया गया था।” रिपोर्ट में आज़ादी के बाद से संभल में हुए महत्वपूर्ण जनसांख्यिकीय परिवर्तनों पर चिंता व्यक्त की गयी है, जब संभल की नगरपालिका आबादी में हिंदुओं की हिस्सेदारी 45 प्रतिशत थी।
सूत्रों ने कहा कि रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि संभल में सांप्रदायिक दंगों का इतिहास रहा है, जिसकी शुरुआत 1953 में शिया-सुन्नी संघर्ष से हुई, जिसके बाद 1956, 1959 और 1966 में दंगे हुए। उत्तर प्रदेश के संभल में पिछले साल 24 नवंबर को शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा के मामले की जांच के लिये गठित तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग ने बृहस्पतिवार को अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी।
प्रतापगढ़ मां बेल्हा देवी धाम में की पूजा-अर्चना
जनसभा को संबोधित करने से पहले सीएम योगी ने मां बेल्हा देवी धाम पर दर्शन-पूजन के साथ में माता की आरती की। दो आचार्य पंडित मंगला प्रसाद रघु पांडा तथा दिव्यांशु जी महाराज ने उन्हें दर्शन और पूजन व आरती कराई। इसके बाद कार्यक्रम स्थल पर जाने को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रवाना हो गए। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के परिवहन और प्रतापगढ़ के प्रभारी मंत्री दया शंकर सिंह समेत कई अन्य जनप्रतिनिधि मंच पर रहे।