
प्रदेश में हवाई संपर्क और वीआईपी मूवमेंट को सुदृढ़ बनाने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने सोमवार को विभिन्न जनपदों में 38 नए हेलीपैड के निर्माण को मंजूरी संबंधी शासनादेश जारी करते हुए इसके लिए कुल 29 करोड़ 89 लाख 43 हजार रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह कार्य वित्तीय वर्ष 2025-26 का है। जिला, तहसील और ब्लॉक मुख्यालय स्तर पर हेलीपैड निर्माण परियोजना के तहत पहले चरण में 10 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी गई है, जिससे निर्माण कार्य शुरू किया जा सके। इन हेलीपैडों का निर्माण प्रदेश के उन्नाव, हरदोई, रायबरेली, बाराबंकी, कानपुर देहात, कानपुर नगर, औरैया, सोनभद्र, झांसी, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज समेत कई जिलों में किया जाएगा। इनका उद्देश्य मुख्यमंत्री, राज्यपाल और अन्य महत्वपूर्ण अधिकारियों के दौरे के दौरान सुरक्षित लैंडिंग और टेकऑफ की सुविधा उपलब्ध कराना है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सभी तकनीकी मानकों और विभागीय नियमों का पालन अनिवार्य होगा। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भूमि पूरी तरह सरकारी हो या संबंधित विभाग के स्वामित्व में हो। यदि निजी भूमि की आवश्यकता पड़ती है तो किसानों की सहमति लेना अनिवार्य होगा। शासनादेश में यह भी कहा गया है कि परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। निर्माण कार्य में देरी या लागत बढ़ने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
इसके अलावा, सभी परियोजनाओं के लिए पर्यावरणीय अनुमति, तकनीकी स्वीकृति और अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्वीकृत धनराशि का उपयोग केवल निर्धारित कार्यों पर ही किया जाएगा और वित्तीय नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। यह निर्णय प्रदेश में प्रशासनिक दक्षता, आपातकालीन सेवाओं और विकास कार्यों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




