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दावोस में हुए समझौते से एआई, ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में खुलेंगे नए रास्ते, यूपी में होगा 9750 करोड़ रुपये का निवेश

लखनऊप्रदेश के लिए वैश्विक निवेश के मोर्चे पर बड़ी उपलब्धि सामने आई है। स्विट्जरलैंड के दावोस में शुरू हुए विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के सम्मेलन में राज्य सरकार ने विभिन्न कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर कर 9,750 करोड़ रुपये के निवेश का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। इन निवेशों से प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रक्षा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों को नई गति मिलेगी।

सम्मेलन के पहले दिन प्रदेश सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने सेल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के साथ 8000 करोड़ का एमओयू किया। इसके तहत राज्य में कृषि अपशिष्ट से बिजली उत्पादन के लिए 500 मेगावाट क्षमता के 20 संयंत्र लगाए जाएंगे। प्रत्येक संयंत्र 25 मेगावाट का होगा और इन्हें धान उत्पादन वाले 16 चिन्हित जिलों में स्थापित किया जाएगा। इन संयंत्रों में पराली और धान के अवशेष का उपयोग कर बिजली बनाई जाएगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ किसानों को भी लाभ मिलेगा। इसके अलावा सिफी टेक्नालाजीज के साथ 1,600 करोड़ रुपये के निवेश का समझौता हुआ है। कंपनी नोएडा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित और नवीकरणीय ऊर्जा से संचालित डेटा केंद्र स्थापित करेगी। इस केंद्र में उन्नत वायु-शीतलन तकनीक अपनाई जाएगी, जिससे जल की खपत में उल्लेखनीय कमी आएगी। इसके साथ ही नोएडा में एआई सिटी विकसित करने की योजना पर भी सहमति बनी है। रक्षा क्षेत्र में भी निवेश को लेकर सकारात्मक पहल हुई है। एक विदेशी कंपनी के साथ 150 करोड़ रुपये के निवेश का समझौता किया गया है, जिससे प्रदेश में रक्षा उत्पाद निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।

राज्य सरकार का प्रतिनिधिमंडल सक्रिय

19 से 23 जनवरी तक चल रहे दावोस सम्मेलन में उत्तर प्रदेश सरकार का प्रतिनिधिमंडल वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के नेतृत्व में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, मुख्यमंत्री कार्यालय के सचिव अमित सिंह, इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद व यूपीनेडा के निदेशक इंदरजीत सिंह भाग ले रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने अन्य वैश्विक कंपनियों के साथ गोलमेज बैठकों में डिजिटल परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण और स्वचालन जैसे क्षेत्रों में निवेश प्रस्ताव रखे।

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